द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड में अब सबसे ज्यादा किसी चीज के लिए धरना प्रदर्शन होता है तो वो है रोजगार। प्रतिदिन किसी न किसी रोजगार से जुड़े मुद्दे को लेकर युवा सड़क पर संघर्ष करते नजर आते हैं। सबकी मांग यही होती है कि हेमंत सरकार हमें रोजगार दो। आज भी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अनुशंसा के बावजूद नियुक्ति नहीं होने पर नाराज सैकड़ों शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया।
नौकरी के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं अभ्यार्थी
जहां अभ्यर्थी हर रोज सरकार के पास नौकरी के लिए गिड़गिड़ाते दिख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ हेमंत सोरेन सोशल मीडिया पर नई नौकरियों की घोषणा कर रहें हैं। उन्होंने लिखा है कि मेरा उद्देश्य सिर्फ सरकारी नौकरियां में ही झारखंड की समृद्ध स्थानीय भाषा को प्रथामिकता देना नहीं है, बल्कि इससे जुड़े पाठ्यक्रम को भी दिशा देकर सशक्त करना है।

अनुशंसा के बावजूद नहीं की गई है नियुक्ति
दरअसल JPSC की अनुशंसा के बाद भी 11 अनुसूचित जिलों के हाई स्कूलों में कुछ विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। इसी की मांग करने अभ्यर्थी रांची पहुंचे हैं। उनका कहना है कि चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। लगभग 2 हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हुई है। 13 अनुसूचित जिलों में इतिहास, नागरिक शास्त्र में नियुक्ति हो चुकी है। दरअसल नियोजन नीति का मामला सुप्रीम कोर्ट जाने के कारण नियुक्ति पर रोक लगा दी गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने कहा कि इन नियुक्तियों पर कोई आपत्ति नहीं है इसलिए सरकार को बहाली शुरू करने के लिए कहा गया था। 13 जिलों में जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है वह वेतन उठा रहे हैं, लेकिन एक ही परीक्षा से नियुक्ति होने के बाद भी कुछ लोग सड़क पर धरना कर रहे हैं।

स्थानीय भाषा में 200 नए प्राध्यपकों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि विभिन्न महाविद्यालयों में संथाली, हो, कुरमाली, खोरठा, मुण्डारी आदि भाषाओं पर 200 से अधिक पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कई कॉलेजों में इन विषयों में सृजित पदों का ब्योरा भी डाला है। इसके मुताबिक, कुड़ुख में 6, संथाली, हो और कुरमाली में 39-39 और मुंडारी भाषा मे 12 पदों की नियुक्ति होनी है। इनमें प्राध्यापक के 7, सह प्राध्यापक के 14 और सहायपक प्राध्यापक के 28 पदों पर नियुक्ति की विवरणी दी गई है। सबकी नियुक्ति सातवें वेतनमान के तहत के होगी । सह प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक की सीधी नियुक्ति राज्य सरकार के स्टैच्यूट के अनुसार JPSC की अनुशंसा पर कुलपति की ओर से की जाएगी।