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JMM बोली, शर्म करो भाजपा वालों नहीं तो नरक में भी जगह नहीं मिलेगी!

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द फॉलोअप टीम, रांची: 

संसद के मानसून सत्र में सरकार के तरफ से बताया गया कि देश में ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों का कोई आंकड़ा नहीं है। उसके बाद से देश भर में सरकार के इस बयान की आलोचना होने लगी। रांची में बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बरियातू स्थित झामुमो कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि संसद में जो बातें कही गई वो एक ऐसा गंभीर और सुनियोजित झूठ है जो आहत करने वाला है।

 

पुण्यात्माओं को अपमानित करती है बीजेपी! 
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा की सरकार जीते जी लोगों को सांस नहीं लेने देती और मरने के बाद पुण्यात्मा को अपमानित करने का काम करती है। सुप्रियो ने कहा देश एक ऐसे गंभीर स्थिति से गुजर रहा है जहां सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग देश के लोगों को गुमराह करने और अविश्वास में जीने को मजबूर कर रहे हैं। ये काफी भयावह स्थिति है। 

दूसरी लहर के चरम में पीएम रैली में बिजी थे
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मई के महीने में कोरोना की दूसरी वेब जब चरम पर थी उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल चुनाव में व्यस्त थे। हर दिन चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे, जबकि कोरोना को लेकर सारी शक्तियां केंद्र के हाथों में थी। राज्य सरकार को बंधुवा मजदूर बनाकर रखा गया थ।  देश के लगभग हर परिवार ने अपनों को खोया। सुप्रीम कोर्ट तक को कहना पड़ा कि चोरी कीजिये, डकैती कीजिये, विदेश से लाइए लेकिन ऑक्सीजन लाइए और ऑक्सीजन की कमी मत होने दीजिये। अब सरकार कह रही है कि ऑक्सीजन की कमी से लोग नहीं मरे। 

 

बीजेपी वालों को नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी! 
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भगवान ना करे लेकिन जिस तरह से संसद में जवाब दिया गया उससे इनके लिए जहन्नुम का रास्ता भी बंद हो गया। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ तो शर्म करो भाजपा वालों देश की जनता ऑक्सीजन प्लांट के बाहर खड़ी रही। कइयों को ऑक्सीजन नहीं मिला। कइयों ने अपनों को खोया ये सब जानते हुए भी ऐसा बयान।

 दुबई में बीजेपी नेताओं ने ईवीएम हैकर से की थी मुलाकात 
सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 में दुबई में बीजेपी नेताओं ने बुर्ज खलीफा होटल में ईवीएम हैक करने का दावा करने वाले इजराइली कम्पनी से मुलाकात की थी, जिसका खुलासा चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने भी किया था बाद में उन्हें भी हटा दिया गया और उनके परिवार के ऊपर जांच एजेंसी भी लगा दिया गया।