द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि कोरोना संक्रमण काल में भाजपा शासित राज्यों में कतारबद्ध जलती चिताओं, नदियों में बहते शव और बालू के रेत में दफनायी गयी लाशों को पूरे देश ने देखा है। वहीं रेत में दबी लाशों पर राजनीति करने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार की भाजपा गठबंधन की सरकार इन शवों को अपनाने से भी इंकार करती रही है। ये ही भाजपा नेता अब मौत जैसी दुःखद घटना और उन्हें कफन उपलब्ध कराने की बात को भी बतंगड़ बनाने में जुटे हैं।
बीजेपी नेता दीपक प्रकाश पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को बात को बतंगड़ बनाने की राजनीति बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में कोरोना संक्रमितों के शवों को बालू में छिपाने और गंगा में बहाने जैसी ह्दयविदारक एवं पीड़ादायक घटनाएं भी सामने आयी। राज्य सरकार ने सभी संक्रमितों की मौत होने पर रीति रिवाज के साथ अंत्येष्टि का निर्णय लिया,उनके लिए श्मशान घाटों पर निःशुल्क लकड़ी की व्यवस्था करने और कब्रिस्तान में जेसीबी मशीन की व्यवस्था करने का भी प्रबंध किया।
कपड़ा दुकान बंद होने की वजह से कफन फ्री
उन्होंने कहा कि अभी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान कपड़ा दुकान बंद रहने के कारण कफन खरीदने में हो रही दिक्कत को देखते हुए मुख्यमंत्री की ओर से यह साफ किया गया कि पाबंदियों के दौरान भी सरकार धार्मिक रीति रिवाजों के अनुसार सरकार हर चीजें उपलब्ध करायेगी। बस बात इतनी ही थी, लेकिन भाजपा नेताओं को यह बात भी हजम नहीं हुई और वे अपने पूंजीपति मित्रों को कफन के व्यापार में किस तरह से मुनाफा दिलावा सके, इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू कर दिया।
झारखंड से बीजेपी को सफाया होता जा रहा है
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लालकिशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी को भी धर्म से जोड़ने में महारत हासिल करने वाली पार्टी अंजान बनने का नाटक करती है, यही कारण है कि झारखंड से लगातार इनका सफाया होता जा रहा है।
राज्यों को उचित दिशा-निर्देश नहीं दिया गया
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले अपने उन पार्टी शासित राज्यों की स्थिति को देखना चाहिए, जहां कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब भी काफी तेज है, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार के प्रयास से स्थिति धीरे-धीरे सुधर हो रही है और स्थिति बिगड़ने के लिए भी केंद्र सरकार ही जिम्मेवार है, जिसने सारी जानकारी रहने के बावजूद राज्यों को समय पर उचित दिशा निर्देश नहीं दिया।