द फॉलोअप टीम, हैदराबाद:
क्रिकेट जगत से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन को हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। एचसीए की शीर्ष परिषद ने एक सप्ताह पहले अजहरूद्दीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पूर्व कप्तान पर मनमाने फैसले लेने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। अभी इस पर अजहरूद्दीन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शिकायतों की जांच पूरी होने तक निलंबित
मिली जानकारी के मुताबिक हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की शीर्ष परिषद ने अजहरूद्दीन से कहा कि जब तक उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती वे निलंबित रहेंगे। उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। अजहरूद्दीन को जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था उसमें उन पर मनमाने फैसले लेने, हितों के टकराव से जुड़ी जानकारी ना देने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। कहा जा रहा है कि तय वक्त तक अजहरूद्दीन ने जवाब दाखिल नहीं किया।
एसोसिएशन के सदस्यों ने की थी शिकायत
गौरतलब है कि एसोसिएशन के बाकी सदस्यों ने अजहरूद्दीन के खिलाफ शिकायत की थी। मामले में अजहरूद्दीन को इसी महीने की 10 तारीख को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया है कि शीर्ष परिषद आपको निलंबित कर रही है और शिकायतों की जांच पूरी हो जाने तक एचसीए से आपकी सदस्यता भी समाप्त की जाती है। बता दें कि मोहम्मद अजहरूद्दीन 27 सितंबर 2019 को हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बनाये गये थे। वे लगातार विवादों में रहे। नोटिस के मुताबिक अजहरूद्दीन ने एसोसिएशन से ये बात छुपाई की वो दुबई के निजी क्रिकेट क्लब के सदस्य हैं। क्लब वैसे टूर्नामेंट में बाग लेता है जो बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।
कुछ ऐसा था मोहम्मद अजहरूद्दीन का करियर
अजहरूद्दीन की क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 334 वनडे खेले। इनमें 36 की औसत से 9 हजार 378 रन बनाये। वनडे क्रिकेट में अजहरूद्दीन के नाम पर सात वनडे और 58 अर्धशतकीय पारी दर्ज है। टेस्ट क्रिकेट में अजहरूद्दीन ने 45.03 की औसत से 6 हजार 215 रन बनाए। इसमे उनके नाम 22 शतक और 21 अर्धशतक हैं। वे दुनिया के बेहतरीन कलात्मक बल्लेबाज माने जाते हैं। वे ऐसे पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने पहले तीनों टेस्ट मैचों में शतक लगाया।
साल 2000 में अजहर पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा। उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। साल 2012 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने उन पर लगे तमाम आरोपों को खारिज करते हुए आजीवन प्रतिबंध हटाया लेकिन काफी पहले ही उनका क्रिकेट करियर खत्म हो चुका था। वे राजनीति में भी गये। 2009 में कांग्रेस की सीट से मुरादाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ा। जीते और संसद पहुंचे। 2014 में चुनाव हार गये। 2018 में तेलांगना कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया।