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सीएम ने कहा- 83 साल के वृद्ध को गिरफ्तार कर केंद्र क्या संदेश देना चाहता है?

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द फॉलोअप टीम, रांची 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फादर स्टेन स्वामी को गिरफ्तार किए जाने पर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। हेमंत सोरेन ने कहा है कि गरीबों, वंचितों और आदिवासियों की आवाज उठानेवाले 83 साल के वृद्ध 'स्टेन स्वामी' को गिरफ्तार कर केंद्र की भाजपा सरकार क्या संदेश देना चाहती है? उन्होंने कहा कि अपने विरोध की हर आवाज को दबाने की ये कैसी जिद है? बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को रांची के नामकुम से फादर स्टेन स्वामी को गिरफ्तार किया है। इसके बाद एनआईए स्वामी को मुंबई ले गई।

हिरासत में लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. उरांव
इससे पहले वित्त मंत्री डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने अर्बन नक्सलवाद के नाम पर महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव मामले में फादर स्टेशन स्वामी को हिरासत में लिए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अर्बन नक्सलवाद के नाम पर देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले बुद्धिजीवियों को प्रताड़ित कर रही है। फादर स्टेशन स्वामी 25 वर्षों से रांची में रहकर जनजातीय समुदाय के उत्थान में जुटे हैं, ऐसे में उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। बार-बार इस तरह की कार्रवाई से कई सवाल खड़े होते हैं।

सबसे उम्रदराज आरोपी हैं फादर स्टेन
बता दें कि महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में 83 साल के स्टेन स्वामी समेत आठ आरोपियों के लिए चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने फादर स्टेन स्वामी को अर्बन नक्सल का संचालक बताया है और कहा है कि वे माओवादियों से फंड लेते हैं। उनके आवास से बरामद दस्तावेजों में नक्सली साहित्य भी हैं। फादर स्टेन स्वामी को 23 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वे इस मामले में गिरफ्तार किए गए 16वें व्यक्ति हैं। फादर स्टेन एनआईए द्वारा की गई कार्रवाइयों में अब तक के सबसे उम्रदराज आरोपी हैं।

क्या है मामला ?
एक जनवरी 2018 से एक दिन पहले 31 दिसंबर 2017 को भीमा कोरेगांव में शौर्य दिन प्रेरणा अभियान के बैनर तले कई संगठनों ने मिलकर एक रैली निकाली थी। इसका नाम ‘एलगार परिषद’ रखा गया था। इस रैली में भड़काऊ भाषण के बाद दूसरा समूह उग्र हो गया था, जिसके बाद हिंसक झड़प हो गई थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग जख्मी हुए थे।