द फॉलोअप टीम, रांची:
चक्रवाती तूफान यास ने पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के तटवर्ती जिलों में असर दिखाना शुरू कर दिया है। तटवर्ती जिलों में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई है। हालांकि तूफान 26 मई की शाम को तट से टकराएगा। तब हवा की रफ्तार तकरीबन 160 किमी प्रति घंटा होगी। हालांकि, इसका असर दिखना शुरू हो चुका है। पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 119 टीमों को तैनात किया गया है। झारखंड के भी कई जिलों में चक्रवाती तूफान का व्यापक असर होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने ली चक्रवात की पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ अमिताभ कौशल ने चक्रवातीय तूफान यास का झारखंड में पड़ने वाले असर, बचाव तथा राहत को लेकर की गई तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है उसके मुताबिक यह तूफान कल ओड़िसा के तटीय इलाके से टकराएगा । इसका असर झारखंड में भी देखने को मिल सकता है। तूफान से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा के ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है। इन इलाकों में 90 किलोमीटर अथवा उससे ज्यादा रफ्तार से हवा चलने और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है। यहां चक्रवातीय तूफान यास का असर 26-27 मई को ज्यादा पड़ेगा, जबकि 28 को इसके धीमा होने की उम्मीद है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने की पूरी तैयारी
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चक्रवातीय तूफान से बचाव और राहत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयारियां पूर कर ली है। इसके तहत अस्पतालों में बिजली और ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित नहीं हो, इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। वहीं, पेड़, खंभे और पोल आदि के गिरने से सड़कों पर आवागमन बाधित नहीं हो, इस बाबत सभी जिलों के उपायुक्त को गिरने वाले पेड़ों को हटाने के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा गया है। भारी बारिश के कारण कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की काफी आशंका है, ऐसे में लोगों को रखने के लिए शिविर की व्यवस्था की गई है.
स्वर्णरेखा नदी के निचले इलाकों में बाढ़!
भारी बारिश से स्वर्णरेखा नदी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी पैदा हो सकती है। ऐसे में अधिकारियों को इन इलाकों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। वहीं तेज, हवा और बारिश से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। इस बाबत ऊर्जा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा चक्रवातीय तूफान से होने वाले नुकसान और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अन्य सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।