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स्टेन स्वामी के मामले में भाजपा का प्रतिकार, चर्च अदालती कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं करे

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द फॉलोअप टीम, रांची 
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शुक्रवार को चर्च द्वारा स्टेन स्वामी के मुद्दे पर सामने आने पर कड़ा प्रतिकार किया है। उन्होंने कहा कि चर्च को अपने धार्मिक कार्य की सीमा तक रहना चाहिए और अदालती कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। 

'ये अदालत की अवमानना है'
उन्होंने कहा कि स्टेन स्वामी के पक्ष में बयान देकर चर्च ऐसा दिखा रहा है, जैसे कि उसे भारत की संविधान और अदालती कार्रवाई पर आस्था नहीं है। प्रतुल ने कहा की एनआईए  ने बहुत गंभीर आरोपों पर स्टेन स्वामी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। पूरा मामला अदालत में विचाराधीन है। उसके बाद भी उनके पक्ष में मानव श्रृंखला बनाना और समर्थन करना अदालत की अवमानना है।

'गैंपरेप के मामले में चर्च क्यों खामोश रहता है'
प्रतुल ने कहा कि जब बरहेट में एक आदिवासी बच्ची का गैंगरेप हुआ तो चर्च चुप रह। गुदड़ी में आदिवासियों का नरसंहार हुआ था तब भी चर्च ने मौनव्रत धारण किये रहा। गुमला में भी एक नाबालिग आदिवासी बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना पर चर्च ने आंखें मूंद ली थी। लेकिन चार्जशीटेड स्टेन स्वामी के पक्ष में सामने आकर चर्च ने अपने मंसूबे जाहिर कर दिए हैं।
 
चर्च का असली एजेंडा उजागर
उन्होंने कहा कि चर्च सीधे तौर पर राजनीतिक मुद्दों और अदालत की कार्रवाई में हस्तक्षेप कर रहा है। चर्च द्वारा राजनीतिक हस्तक्षेप की बातें लंबे समय से सामने आती रही हैं। आर्च बिशप ने भी इस सरकार को क्रिसमस गिफ्ट बताया था। इस प्रकरण से झारखंड में चर्च का असली एजेंडा उजागर हो गया है।