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1 हफ्ते में तैयार होगा 1 हजार बेड, वैक्सीन की आपूर्ति भी 3 दिन में- स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता

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द फॉलोअप टीम, रांची :
राज्य में कोरोना (corona) का संकट एक बार फिर मंडरा रहा है। रोजाना बढ़ते मरीजों की संख्या के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं। इसका फायदा उठाकर बाजार में सैनिटाइजर (sanitizer), मास्क (mask) आदि के दामों को बढ़ा दिया। इसके साथ ही निजी अस्पताल(private hospital) कोरोना मरीजों से मनचाही फीस ले रहे है। 

ऐसे में सरकार के लिए कई कड़े सवाल उठते है। आखिर झारखंड में स्वास्थ विभाग की ऐसी हालत क्यों है? सरकार का पक्ष रखते हुए सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ( banna gupta) ने सफाई पेश की। अस्पतालों में बेड की कमी पर उन्होंने कहा की रिम्स (RIMS) सहित निजी अस्पतालों में बेड बढाए जा रहे हैं। एक सप्ताह में 1000 बेड तैयार हो जाएंगे। सरकारी स्कूल सहित अन्य भवनों व संस्थाओं में बेड की व्यवस्था की जाएगी।

कोवैक्सीन खत्म होने के लिये केंद्र जिम्मेदार
झारखण्ड में कोरोना वैक्सीन के आउट ऑफ़ स्टॉक हो जाने पर मंत्री जी ने सीधा-सीधा केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से आंकलन और समीक्षा में चूक हुई है। इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन इस पूरे मामले का असल जिम्मेदार केंद्र है। केंद्र का फोकस झारखंड पर है बिल्कुल ही नहीं है। दिल्ली-महाराष्ट्र में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, जिस कारण वहां वैक्सीन (vaccine) की डिमांड बढ़ गई है और सप्लाई का रुख उस ओर मोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि अगले तीन दिनों में वैक्सीन आ जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा की झारखंड गरीब ट्राइबल स्टेट है जिस पर प्रधानमंत्री की नजर बहुत कम ही पड़ती है। 

मुनाफा वसूली की तो होगी कार्रवाई
पिछले दिनों से कोरोना पॉजिटिव मरीजों (positive patients) की संख्या बढ़ने की वजह से दवा दुकानदारों और फार्मासिस्टों के लिए पैसा कमाने का मौका बन गया है। बाज़ारों में मास्क, सेनिटाइज़र और ऐसी ज़रूरी वस्तुओं को ज़्यादा दामों पर बेचा जा रहा है। इस सन्दर्भ में मंत्री बन्ना गुप्ता (banna gupta) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा की कालाबाजारी पकड़े जाने पर फार्मासिस्ट व ड्रग इंस्पेक्टर को जेल भेजा जायेगा और सख्ती बरती जाएगी। यदि निजी अस्पतालों ने मुसीबत के वक्त ये हरकत की तो उनका लाइसेंस रद्द जायेगा।