द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र जारी है। मंगलवार को सदन की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बालू घाटों की नीलामी आगामी वित्तीय वर्ष में की जायेगी। सीएम ने कहा कि अप्रैल महीने में बालू घाटों की नीलामी की जायेगी। दरअसल, मंगलवार को विधानसभा में बालू घाट का मुद्दा छाया रहा। बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मांग की है कि जब तक सभी बालू घाटों की नीलामी नहीं हो जाती तब तक निर्माण कार्य के लिये ढोये जाने वाले बालू को ना पकड़ा जाये।
बीजेपी के शासन में हुई बालू घाट की लूट!
इस बीच बालू घाट के मुद्दे पर बीजेपी विधायकों के आरोपों पर सीएम हेमंत सोरेन ने पलटवार किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बालू के लूट की प्रक्रिया कब से चल रही है ये पूरे राज्य को पता है। बीजेपी के लोगों ने अपने शासनकाल में बालू लूटा और खजाना भर लिया। सीएम ने कहा कि हम चीजों को व्यवस्थित करने में लगे हैं। गतिशील व्यवस्था को अचानक यूटर्न देना आसान नहीं होता। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकारी इसे धीरे-धीरे खत्म कर रही है।
केवल जिला एसपी के निर्देश पर होगी जांच
बालू ढोने वाली गाड़ियों को पकड़ने के सवाल पर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि प्रदेश में ऐसी गाड़ियों को पकड़ने पर रोक लगाई गयी है। विशेष परिस्थिति में केवल डीएसपी स्तर के पदाधिकारी ही मामले की जांच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये मामला जांच के काबिल है या नहीं ये सुनिश्चित करना केवल जिला एसपी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वे मामले को करीब से देख रहे हैं।
मंगलवार को छाया रहा बालू घाट का मुद्दा
गौरतलब है कि मंगलवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बालू घाट का मुद्दा छाया रहा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बालू का मामला पूरे प्रदेश का है। राज्य में जितने भी बालू घाट हैं उनकी नीलामी नहीं हुई। बहुत कम बालू घाटों की नीलामी हुई है। लोग इंदिरा आवास या पीएम आवास बनवाने के लिये बालू मंगवाते हैं, पुलिस उसे भी पकड़ लेती है। कुछ पैरवी हमलोगों तक पहुंचती है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब तक नीलामी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती सीएम को निर्माण कार्य में लगने वाले बालू की ढुलाई की जांच और कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिये।