जामताड़ा
पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित रेलपार इलाके में शुक्रवार 15 मई की रात लाउडस्पीकर की आवाज कम करने के प्रशासनिक निर्देश को लेकर जबरदस्त बवाल हो गया। अफवाहों के बाद भड़की उग्र भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया, जमकर पथराव किया और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।
तनाव की मुख्य वजह
मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की एक टीम रेलपार के जहांगिरी मोहल्ला इलाके में पहुंची थी। पुलिस का उद्देश्य स्थानीय धार्मिक स्थलों (मंदिरों और मस्जिदों) पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज को निर्धारित मानकों के तहत नियंत्रित और कम करवाना था। इस संबंध में पुलिस स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और नागरिकों के साथ बैठकें भी कर रही थी। इसी दौरान इलाके में अचानक किसी बात को लेकर अफवाह फैल गई, जिसने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया। कुछ ही देर में भारी संख्या में उपद्रवियों की भीड़ सड़क पर उतर आई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस चौकी पर हमला और तोड़फोड़
उपद्रवियों की उग्र भीड़ ने रेलपार स्थित जहांगिरी मोहल्ला पुलिस चौकी पर धावा बोल दिया। भीड़ की तरफ से पुलिसकर्मियों और चौकी को निशाना बनाकर भारी पथराव शुरू कर दिया गया। उपद्रवी पुलिस चौकी के भीतर घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की। चौकी के बाहर खड़े कई पुलिस वाहनों और मोटरसाइकिलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आम नागरिकों की गाड़ियों को भी उपद्रवियों ने निशाना बनाया। इस अचानक हुए पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई
स्थिति को हाथ से निकलता देख और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया। पुलिस बल ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। देर रात की कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर-बितर किया जा सका।
वर्तमान स्थिति और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। इसके अलावा इलाके में भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती की गई है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय स्तर पर बनाए गए वीडियो फुटेज को खंगाला जा रहा है। दंगाइयों और पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।