द फॉलोअप टीम, गढ़वा:
हम अकसर सुनते हैं कि कई लोग अपने घर परिवार को छोड़कर जोगी बनने या साधू बनने के लिए निकल जाते हैं। कई सालों बाद जब वह गांव लौटकर आते हैं तो कुछ लोग उन्हें पहचान जाते हैं तो कोई उन्हें नहीं पहचानता। ताजा मामला आया है कांडी प्रखंड के सेमौरा गांव से जहां 22 साल बाद एक व्यक्ति अपने गांव लौटकर आया। वह व्यक्ति साधू के भेष में था लेकिन उसकी पत्नी ने उसे पहचान लिया।

पति को पहचानते ही पत्नी रोने लगी
घटना रविवार की है जब अचानक उदय साव नामक व्यक्ति जोगी बनकर हाथ में सारंगी लेकर अपने पैतृक आवास सेमौरा पहुंचा। वह अपनी पहचान छिपाकर गांव में भिक्षा मांगने पहुंचा था। अपनी पत्नी से भी भीक्षा लेने दरवाजे पर पहुंचा और बाबा गोरखनाथ का भजन गाने लगा लेकिन उसकी पत्नी ने उसे पहचान लिया । इसके बाद वह बिलख कर रोने लगी, घर पर रहने के लिए जोगी को मनाने लगी।

विधवा का जीवन जी रही है पत्नी
दरअसल उदय साह 22 साल पहले अचानक अपने घर से गायब हो गया था। काफी खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। पत्नी ने यही मान लिया था कि उसके पति किसी हादसे का शिकार हो गए हैं और अब इस दुनिया में नहीं हैं। बच्चों के साथ वह विधवा की जिंदगी जीने लगी। पत्नी के पहचानने के बाद उदय साव अपनी पहचान छुपाता रहा। गांव के कई लोग भी वहां जमा हो गए। सबने उदय साव को पहचान लिया। आखिरी में उदय साव ने अपनी पहचान स्वीकार की और पत्नी से भीक्षा देने के लिए आग्रह करने लगा। उसने कहा कि पत्नी की भीक्षा के बिना उसे सिद्धि नहीं मिलेगी इसलिए उसे भीक्षा चाहिए।
परिवार साथ रहने के लिए कर रहा जिद्द
इतने सालों बाद उदय साव के घर आने की सूचना पर कई गांव के लोग उसे देखने आ रहे हैं। सब चाहते है कि उदय अब अपने घर में ही रहे। उसने घर परिवार के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया। वह डिग्री कॉलेज कांडी में शरण लिए हुए है। हर कोई उसे मनाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए बाबा गोरखनाथ के धाम पर यज्ञ व भंडारा कराने के लिए गांव के लोग चंदा इक्कठा कर रहे हैं।