द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड में कोरोना संक्रमण (corona infection) की घटती रफ़्तार के बीच ब्लैक फंगस (black fungus) ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। ब्लैक फंगस यानी म्युकोर्माइकोसिस की वजह से राज्य में अबतक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।18 जिलों में ब्लैक फंगस के या तो कंफर्म केस हैं, या फिर सस्पेक्टेड केस (suspended case) मान कर रोगियों का इलाज किया जा रहा है। शुक्रवार को रांची में 02 कंफर्म केस मिले हैं। जबकि गुमला में 01, पलामू में 01 और रांची में 04 सस्पेक्टेड को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक ब्लैक फंगस के 76 मामले की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने कर दी है जबकि 45 मामले को सस्पेक्टेड केस माना गया है।
रांची और पूर्वी सिंहभूम में सबसे ज्यादा केस
रांची में ब्लैक फंगस के 28 कंफर्म और 15 सस्पेक्टेड केस है, तो पूर्वी सिंहभूम में 17 कंफर्म और 02 सस्पेक्टेड केस मिले हैं. चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, गोड्डा, हजारीबाग, जामताड़ा, बोकारो, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, कोडरमा, लातेहार, पलामू, रामगढ़ और साहिबगंज में या तो कंफर्म केस हैं या फिर सस्पेक्टेड केस है।
तेजी से बढ़ रहा संक्रमण, सिमित है इंजेक्शन
स्वस्थ विभाग के अनुसार राज्य के पास फ़िलहाल 2197 एम्फाेटेरेसिन-बी इंजेक्शन ही स्टाॅक में हैं। जिस तरह मरीज बढ़ रहे हैं, उसमें ताे यह सात दिन में ही खत्म हाे जाएंगे। अगर जल्दी ही पर्याप्त संख्या में इंजेक्शन नहीं मिले ताे स्थिति गंभीर हाे सकती है। काेराेना मरीजाें के इलाज में प्रयाेग हाेने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की तरह एम्फाेटेरेसिन-बी इंजेक्शन के लिए भी हम पूरी तरह केंद्र पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार मरीजाें की संख्या के हिसाब से यह इंजेक्शन राज्य सरकाराें काे दे रही है। झारखंड ने केंद्र से पांच हजार इंजेक्शन की मांग की है। जब तक यह नहीं मिलता, राज्य सरकार के हाथ खाली ही रहेंगे।