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मुख़्तार अब्बास नकवी ने मनाया भैया दूज, दूसरी ओर राहुल गांधी ने दी बधाई, प्रियंका ने साझा की तस्वीर

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द फॉलोअप टीम, रांची:

आज है यम द्वितीया कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि। आज ही भैया दूज भाई-बहन मना रहे हैं। बहन रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक कर रही हैं, उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीष दे रही हैं। कार्तिक सुदी दौज को मथुरा के विश्राम घाट पर भाई–बहन हाथ पकड़कर एक साथ स्नान करते हैं। यह ब्रज का बहुत बड़ा पर्व है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने लिखा है-भाई-बहन का स्नेह दुनिया के किसी भी बंधन से बढ़कर होता है। आज भाई दूज पर प्रार्थना है कि आने वाला साल आप सभी के लिए शुभ हो!

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल गांधी के साथ अपनी पुरानी व खास तस्वीर साझा की है। प्रियंका गांधी ने लिखा, 'मुझे गर्व और खुशी है कि मेरे भाई करुणा, प्रेम और साहस के साथ सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं। आप सभी को भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं।' प्रियंका ने लिखा, 'ये तस्वीर उस समय की है जब मेरे भाई ने निशानेबाजी की प्रतियोगिता में ढेर सारे मेडल जीते थे।' तस्वीर में राहुल गांधी के गले में कई मेडल नजर आ रहे हैं। प्रियंका गांधी की इस पोस्ट पर राहुल गांधी ने भी जवाब देते हुए एक स्माइली शेयर किया है।

 

 

इधर, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने भी भैया दूज मनाया। तस्वीरें साझा करते हुए फेस बुक पोस्ट पर लिखा, 'सहयोगी केंद्रीय मंत्री, बहन साध्वी निरंजन ज्योति जी ने "भाई दूज" के पावन अवसर पर भाई-बहन के स्नेह का तिलक लगाया और अपना आशीर्वाद दिया। आपके अपार स्नेह एवं आशीर्वाद का शुक्रिया। समाज के कमजोर, पिछड़े, जरूरतमंद तबकों एवं भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं समावेशी विकास के कार्यों को और ऊर्जा के साथ करने की ईश्वर आपको शक्ति दें।' वहीं केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने लिखा, '‪भाई-बहन के स्नेह के पावन पर्व भाई दूज के अवसर पर प्रिय भाई मुख़्तार अब्बास नकवी जी को तिलक लगाकर शुभकामनायें दी। आप सदैव राष्ट्रहित के कार्यों में सदैव अपना सक्रिय योगदान देते रहें, ईश्वर से आपके सुदीर्घ जीवन की कामना है।'

 

 

जानिये भैया दूज की कहानी

यमराज तथा यमुना भाई-बहन हैं। यमुना अपने भाई यमराज से बड़ा स्नेह करती हैं। वह उससे बार-बार निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज बात को टालता रहा। कार्तिक शुक्ल का दिन आया। यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, उसे अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया।

यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया। यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने का आदेश दिया।

यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके तिलक करे, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है।