द फॉलोअप टीम, रांची
ऑपरेशन मेरी सहेली ट्रेनों में अकेली सफर कर रही लड़की या महिलाओं के लिए हमसफर बन गई है। ट्रेनों में अकेले सफर करनेवाली महिलाओं को रेलवे ने राहत देने का काम किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेलवे ने मेरी सहेली अभियान की शुरुआत की है। रेलवे पुलिस बल में महिला विंग को तैयार किया गया है जो चलती ट्रेन में महिलाओं की समस्या सुनेगी और उसका समाधान भी करेगी। ट्रेन में सफर करने के दौरान अक्सर महिलाओं के साथ छेड़खानी, दुर्व्यवहार, छिनतई आदि की वारदात हो रही है।
अभियान के असली हीरो हैं आइजी डीबी कसार
ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रायल के तौर पर रांची रेल डिवीजन से शुरू की गई इस योजना को देशभर के स्टेशनों पर लागू कर दिया गया है। दो महीने चले ट्रायल और महिलाओं से मिले बेहतर फीडबैक के आधार पर रेल मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। रांची रेल डिवीजन के इस प्रयोग का परिणाम यह है कि ट्रेनों में महिला उत्पीड़न के मामले में कमी आई है। इस सफल अभियान के असली हीरो दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के आइजी डीबी कसार हैं।
आरपीएफ की महिला विंग तैयार
कई बार तो ऐसी भी घटनाएं महिलाओं के साथ होती है कि उन घटनाओं के बारे में पुरुष पुलिसकर्मी को बता भी नहीं पाती। ऐसी ही समस्याओं व उसके निपटारा करने के लिए रेलवे ने आरपीएफ की महिला विंग तैयार किया है जिसे पीड़ित महिला खुल कर अपनी समस्याओं से अवगत करा सकती हैं। इससे मामले का उद्भेदन करने में भी रेल पुलिस को सहूलियत होगी और आरोपित सलाखों के पीछे होगा।
तीन ट्र्रेनों में प्रोजेक्ट शुरू
फिलहाल टाटानगर स्टेशन से गुजरने वाली तीन ट्रेनों में मेरी सहेली अभियान के तहत महिला विंग ने काम करना शुरू कर दिया है। हावड़ा-मुंबई मेल, हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस, हावड़ा-यशवंतपुर एक्सप्रेस में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्य शुरू किया गया है। इससे महिलाओं को राहत मिलेगी तो अन्य ट्रेनों में भी इसी तरह की व्यवस्था शुरू की जाएगी। दक्षिण-पूर्व रेलवे में इसकी शुरुआत आरपीएफ आईजी कम प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर डीबी कसार के नेतृत्व में की गई है। इस अभियान को महिला यात्रियों को एक सुरक्षित वातावरण में सफर करने, आरामदेह महसूस करने, महिला यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार को रोकने, महिला छेड़़खानी सहित अन्य मामलों में राहत देने के मकसद से शुरू किया गया है।
महिलाएं हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें
ऑपरेशन मेरी सहेली के तहत ट्रेन खुलने से पहले अब हर महिला यात्रियों के पास आरपीएफ की महिला अधिकारी व जवान पहुंच रहे हैं। उनसे उनकी डिटेल यानी नाम, बर्थ नंबर लेने के साथ ही मेरी सहेली की हेल्पलाइन नंबर- 9102990687 और रेलवे की हेल्पलाइन नंबर-182 के बारे में बताया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा कि यात्रा के दौरान असुरक्षित महसूस करें तो वे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। जैसे ही हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आता है, मदद के लिए तुरंत आरपीएफ के जवान पहुंचते हैं।
पहले से कम हुईं छेड़खानी की घटनाएं
आइजी डीबी कसार ने बताया कि ट्रेनों में अक्सर महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं सामने आती थीं। इससे विचार आते थे कि महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के इंतजाम होने चाहिए। इस बीच सितंबर में आइडिया आया कि ऑपरेशन मेरी सहेली चलाया जाए। इसका फॉरमेट तैयार कर रांची रेल डिवीजन से शुरुआत की गई। रांची से मॉनिटरिंग का जिम्मा कमांडेंट प्रशांत यादव को दिया गया।
जानिए क्या है, ऑपरेशन मेरी सहेली ट्रेन
प्रोजेक्ट ऑपरेशन माई सहेली का पायलट संस्करण 18 सितंबर 2020 के बाद से, 3 ट्रेनों में शुरू किया गया है- हावड़ा-यशवंतपुर दुरंतो स्पेशल, हावड़ा-अहमदाबाद स्पेशल और हावड़ा-मुंबई स्पेशल। ऑपरेशन मेरी सहेली को निर्भया फंड के ढांचे के तहत निष्पादित किया जाता है और रेलवे के प्रमुख द्वारा कोई अतिरिक्त खर्च नहीं दिया जाता है।