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15 से 22 दिसंबर के बीच चल सकता है झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र, बदलेगी पेंशन नियमावली

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रांची 

झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 से 22 नवंबर के बीच चल सकता है। इसका संकेत एक वरिष्ठ विस सदस्य व मंत्री ने दिया है। खबर है कि इसमें हेमंत सोरेन सरकार पेंशन से संबंधित नई नियमावली लागू करने पर सहमति दे सकती है। इसके तहत राज्यकर्मियों और अधिकारियों ने अगर एक से अधिक विवाह किया है, तो उनकी पहली पत्नी को ही सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कर्मी या अधिकारी के निधने के बाद पहली पत्नी ही पेंशन की अधिकारी होगी। अन्य पत्नियों को रिटायरमेंट और पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। खबर में बताया गया है कि इसके लिए कर्मी और अधिकरियों को एक फार्म दिया जायेगा। इसमें वे पत्नी और बच्चों सहित अपने परिवार का पूरा ब्योरा देंगे। इसी के तहत सरकार उनके रिटायमेंट या निधन के बाद मिलने वाली सुविधाओं को तय करेगी। ये भी कहा गया है कि रिटायरमेंट से एक साल पहले कर्मी अब किसी तरह के अग्रिम राशि के अधिकारी नहीं होंगे।  

पेश हो सकता है अनुपूरक बजट

संभावना है कि शीतकालीन सत्र में हेमंत सरकार अनुपूरक बजट भी पेश कर सकती है। इसकी तैयारी की जा रही है। अनुपूरक बजट के साथ कई अन्य अहम विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाने की चर्चा है। इसके अतिरिक्त सदन के प्रावधान के तहत प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण काल भी होंगे। इसमें विधायक अपने सवालों को सदन के सामने प्रस्तुत कर पायेंगे। बता दें कि 2022 में झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से 23 दिसंबर के बीच बुलाया गया था। जानकारों की मानें तो इस बार का शीतकालीन सत्र हंगामेदार हो सकता है। हेमंत सरकार इस दौरान कई लंबित विधेयकों को भी विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।