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लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश, किरेन रिजिजू बोले- 'धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं'

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द फॉलोअप डेस्कः
भाजपा सांसद किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश कर दिया है। अब इस पर अगले आठ घंटे तक चर्चा होने की उम्मीद है। इसे लेकर सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है, ताकि वे बिल पेश होने के दौरान सदन में मौजूद रहें। एनडीए के सहयोगी दल जैसे जेडीयू, टीडीपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी सरकार के समर्थन का ऐलान किया है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' इस बिल का कड़ा विरोध करने के लिए तैयार है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने इसे संविधान के खिलाफ और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करार दिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बिल के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन की अपील की है। लोकसभा में संख्याबल के हिसाब से एनडीए की स्थिति मजबूत है, जिसके पास 293 सांसद हैं, जबकि बिल पास करने के लिए 272 वोटों की जरूरत है।


केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज, 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। बिल पेश करने के बाद अपने संबोधन में रिजिजू ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का धार्मिक व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, "यह बिल धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की बेहतर देखरेख और डिजिटलीकरण के जरिए व्यवस्था को मजबूत करना है, न कि किसी की जमीन छीनना।