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दिल्ली : शीर्ष अधिकारियों ने बताया, कब से शुरू होगी अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया...कौन सी सुविधायें मिलेंगी

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डेस्क: 

रविवार को रक्षा मंत्रालय की तरफ से अग्निवीर स्कीम को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें थल सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों ने आकर अग्निपथ स्कीम तथा इसके प्रावधानों को लेकर विस्तृत जानकारी दी और कहा कि ये कोई अचानक लाई गई योजना नहीं है बल्कि लंबे समय से इसकी प्लानिंग की जा रही थी। शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने ये भी बताया कि सेना के तीनों अंगों में अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया कब और कैसे शुरू होगी।

 

दुर्गम इलाके में पोस्टिंग पर मिलेगा समान भत्ता! 
अग्निपथ योजना को लेकर भारतीय थलसेना की ओर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि योजना के तहत चुने गए अग्निवीरों को सियाचिन सहित अन्य दुर्गम इलाकों में तैनाती के दौरान वही भत्ता मिलेगा तो मौजूदा समय में नियमित सैनिकों को मिलता है। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि सेवा शर्तों में अग्निवीरों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जायेगा। प्रेस वार्ता में ये भी घोषणा की गई कि यदि ड्यूटी के दौरान अग्निवीर शहीद होते हैं तो परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। 

पूर्व नियोजित की अग्निवीरों की आरक्षण व्यवस्था
गौरतलब है कि अग्निपथ स्कीम की घोषणा के बाद से केंद्रीय रक्षामंत्रालय सहित अलग-अलग विभागों द्वारा जिस प्रकार से आरक्षण का ऐलान किया गया, सवाल उठे की सरकार द्वारा इसको लेकल फुलप्रूफ प्लानिंग नहीं थी। इस आरोप का खंडन करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद विभिन्न मंत्रालयो और विभागों द्वारा अग्निवीरों के लिए की गई आरक्षण की घोषणा पूर्व-नियोजित थी। इसका हालिया विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। 

भविष्य में सवा लाख अग्निवीरों की भर्ती होगी
अग्निपथ स्कीम के तहत 46,000 अग्निवीरों की भर्ती की बात कही गई है। इस पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि 46,000 अग्निवीरों की संख्या दरअसल, योजना के पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है ताकि इसकी सफलता का आकलन किया जा सके। आने वाले 4 से 5 सालों में अग्निवीरों की संख्या 50 से 60,000 और बाद में बढ़कर 1 लाख तक हो जाएगी। भविष्य में ये संख्या सवा लाख तक करने की योजना है। उन्होंने कहा कि बुनियादी समझ विकसित करने के लिए ऐसा किया गया है। 

वायुसेना और नौसेना में ट्रेनिंग कब से शुरू होगा
प्रेस वार्ता में एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 24 जुलाई से पहले बैच के लिए ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत होगी। पहले मैच का नामांकन दिसंबर के पहले हफ्ते तक हो जाएगा और 30 दिसंबर से उनकी ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी।

वहीं नौसेना की तरफ से वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि 21 नवंबर से नौसेना में शामिल अग्निवीरों का प्रशिक्षण आईएनएस चिल्का (ओडिशा) में शुर होगा। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग में महिला और पुरुष, दोनों ही प्रकार के अग्निवीर होंगे।