द फॉलोअप डेस्क
21 सिंतबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस दिन सर्वपितृ अमावस्या का भी श्राद्ध किया जाएगा। भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात 11 बजे से लेकर रात 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा। फिर भी ज्योतिषविदों के द्वारा लोगों को संभलकर रहने की सलाह दी गई है। बीते 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण भी लगा था, जो कि भारत में दिखाई दिया था। 
भारतीय समयानुसार, आज रात 11 बजे से सूर्यग्रहण शुरू होगा और मध्य समय यानी पीक टाइमिंग रात 1 बजकर 11 मिनट पर होगा। वहीं, इस इसका समापन 22 सितंबर की रात 3 बजकर 23 मिनट पर होगा। यानी ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 24 मिनट तक होगी। .jpg)
इन पर हो सकता है असर
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, सूर्य ग्रहण का कुंभ राशि वालों पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान, वे लड़ाई-झगड़े, वाद-विवाद से दूर रहें। पैसों के लेन-देन से भी सतर्क रहना होगा।.jpeg)
कलश स्थापना पर कैसा रहेगा प्रभाव?
बता दें कि साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा है इसलिए 22 सितंबर यानी कल बिना किसी रोक-टोक के शुभ मुहूर्त पर नवरात्र की कलश स्थापना कर सकते हैं।