द फॉलोअप डेस्क
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने अभ्यर्थियों के चयन के बाद भी जो पद रिक्त रह जाते हैं, वैसे पदों की संख्या को कम करने के लिए एक “स्लाइडिंग व्यवस्था” लागू करने का प्रस्ताव लाने जा रहा है। जिसका उद्देश्य होगा - SSC द्वारा ली गई किसी भी परीक्षा के जरिए अभ्यर्थियों के चयन के बाद भी जो पद रिक्त रह जाते हैं उन पदों को भरना, अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, योग्यता आधारित अवसर प्रदान करना और परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के कारण रिक्त पदों की संख्या को कम करना। आयोग ने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में पद रिक्त रह जाते हैं, जिसे देखते हुए आयोग ने यह कदम उठाया है। आयोग ने कहा कि प्रथम चरण में अस्थायी आवंटन की पुष्टि के लिए अभ्यर्थियों को SSC के क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय जाना होगा और आधार कार्ड प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान सत्यापित करना होगा। बाद में अभ्यर्थियों को स्थिर और अस्थिर विकल्प चुनना होगा।

स्थिर और अस्थिर विकल्प क्या है -
दरअसल स्थिर विकल्प का अर्थ है- अभ्यर्थी द्वारा पहले दौर में अस्थायी रूप से आवंटित पद को अंतिम रूप से स्वीकार कर लेना और अपग्रेडेशन के लिए आगे कोई भी विचार नहीं करना।
वहीं, अस्थिर विकल्प का अर्थ है कि इस विकल्प को चुनने वाले अभ्यर्थियों को यह अवसर मिलेगा कि यदि उनकी उच्च वरीयता वाला कोई पद खाली होता है, तो उन्हें उस पद पर स्थानांतरित किया जाएगा। आयोग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में आसानी होगी।