लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक दलित बुजुर्ग के साथ मंदिर परिसर में अमानवीय व्यवहार किया गया। पीड़ित का आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे जबरन उसका खुद का मूत्र चाटने पर मजबूर किया। घटना लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के कटरा बाज़ार इलाके की बताई जा रही है। बुजुर्ग ने बताया कि जब उसने ऐसा करने से इनकार किया, तो उसे बुरी तरह पीटा गया और फिर ज़बरदस्ती पेशाब चटवाया गया। घटना के बाद कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध किया है।
#WATCH | Lucknow, UP | On being allegedly thrashed and forced to lick his urine in a UP temple, victim says, "They forced me to lick urine. When I refused to do so, I was forced further to lick the urine. They kicked me and left. Later, several leaders intervened in the matter,… pic.twitter.com/7GTYpnPovW
— ANI (@ANI) October 23, 2025

राजनीतिक घमासान और पुलिस कार्रवाई
घटना के बाद विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर दलितों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “यह मानवता पर कलंक है,” वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इसे यूपी में दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का उदाहरण बताया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी स्वामीकांत उर्फ पम्मू को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मानवता पर सवाल, न्याय की मांग
इस घटना ने एक बार फिर समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव और असमानता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार शांत स्वभाव का है और इलाके में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि पीड़ित पक्ष ने न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
