द फॉलोअप डेस्क
राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के खिलाफ कांग्रेस रविवार को देशभर में संकल्प सत्याग्रह कर रही है। दिल्ली स्थित राजघाट पर पुलिस ने धारा 144 लगा दी है। मगर प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन जैसे नेताओं के अलावा कार्यकर्ता भी पहुंचे। यहां प्रियंका गांधी ने कहा कि आज तक हम चुप रहे हैं तो आप हमारे परिवार का अपमान करते गए। मैं पूछना चाहती हूं कि एक आदमी का कितना अपमान करोगे। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि लगा दो केस मुझ पर, जेल ले जाओ मुझे भी, लेकिन सच्चाई ये है कि देश का प्रधानमंत्री कायर है। अपनी सत्ता के पीछे छुपा हुआ है। अहंकारी है। इस देश की बहुत पुरानी परंपरा है, हिंदू धर्म की पुरानी परंपरा है कि अहंकारी राजा को जनता जवाब देती है।

जानें प्रियंका ने अपने स्पीच में क्या कहा:
एक सीएम कहते हैं कि पिता कौन है राहुल को पता नहीं
मई 1991 की बात है मेरे पिता की शव यात्रा निकल रही थी। अपनी मां और भाई के साथ गाड़ी में बैठे थे। सामने भारतीय सेना की एक ट्रक फुलों से लदी हुई थी उसके ऊपर मेरे पिता का शव था। थोड़ी देर काफिला चला- 5-10 मिनट ही चला तो राहुल ने कहा कि मैं गाड़ी से उतरुंगा। मां ने इजाजत नहीं दी तो मैंने मां से कहा कि उसे उतरने दो। उसके बाद राहुल सेना की ट्रक के पीछे अपने पिता के जनाजे के पीछे-पीछे चलता हुआ राजघाट आया। मेरे पिता का शव तिरंगे में लिपटा हुआ था। उस शहीद का संसद में अपमान किया गया। ये लोग शहीद के बेटे को देशद्रोही कहते हैं। मीर जाफर कहते हैं। आपके मंत्री मेरी मां का अपमान संसद में करते हैं। एक मुख्यमंत्री कहते हैं कि राहुल को पता ही नहीं उनका पिता कौन है। आपके प्रधानमंत्री भरी संसद में कहते हैं कि यह परिवार नेहरू नाम क्यों इस्तेमाल करता है। कश्मीरी पंडित समाज के रिवाज का अपमान करते हैं जिसके तहत एक बेटा अपने पिता के मरने पर पगड़ी पहनता है। लेकिन आप पर कोई मुकदमा नहीं होता। आपको कोई सजा नहीं मिलती न संसद से बाहर निकालता है। आपको कोई मना नहीं करता कर आप 8 सालों के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते। क्यों? मैं पूछना चाहती हूं क्यों???
…तो क्या भगवान राम परिवारवादी थे
आज तक हम चुप रहे हैं, मेरे परिवार का अपमान करते गए। मेरे भाई ने क्या कहा कि संसद में वो मोदी जी के पास गए और गले लगे। मेरे भाई ने कहा कि मैं आपसे नफरत नहीं करता। हमारी विचारधारा अलग है लेकिन हमारी नफरत की विचारधारा नहीं है। एक आदमी का कितना अपमान करोगे। क्या यही है इस देश की परंपरा। आप परिवारवादी कहते हैं तो क्या भगवान राम कौन थे। उन्हें वनवास भेजा गया। उन्होंने अपने परिवार, अपनी धरती के प्रति अपना धर्म निभाया। तो क्या भगवान राम परिवारवादी थे, क्या पांडव परिवारवादी थे। जो अपने परिवार के संस्कारों के लिए लड़े।
मेरा परिवार देश के लिए शहीद हुआ तो क्या हमें शर्म आए
हमारा परिवार देश के लिए शहीद हुआ तो क्या हमें शर्म आनी चाहिए। इस झंडे में उनका खून है। इस देश के लोकतंत्र को मेरे परिवार के खून ने सींचा है। जो सोचता है कि हमें अपनानित करके हमें डाराएंगे। एजेंसियों के छापे मारकर हमें डाराएंगे। वो गलत सोचता है हम डरने वाले नहीं हैं। हम और मजबूती से लड़ेंगे। इस देश की लोकतंत्र के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इस देश के लोकतंत्र की नींव कांग्रेस पार्टी के महापुरुषों ने लड़ी है।
आखिर बचाने की क्यों हो रही है कोशिश
कभी-कभी मैं सोचती हूं मुझे समझ में नहीं आता पब्लिक क्या सोच रही है। क्या देख नहीं रही है कि आपकी संपत्ति लूटी जा रही है। गिने चुने उद्योगपतियों को दी जा रही है। ये किसकी संपत्ति है राहुल गांधी की है या आपकी संपत्ति है। रोजगार छोटे उद्योगों से आता है अडाणी से नहीं आता। ये पूरी सरकार, सारे मंत्री ये सारे सांसद एक आदम को बचाने की क्यों कोशिश कर रहे हैं। इस अडाणी में है क्या जो इसको सारी संपत्ति दे रहो हो देश की। हजारों करोड़ शेल कंपनियों में इनके है। आप इन पर इंक्वायरी नहीं कर सकते। ये आडाणी है कौन जो इसका नाम उठते ही उसे आप बौखला जाते हैं, उसे बचाने में लग जाते हैं।
अडाणी का नाम आते ही एक महीने में हुई सुनवाई
जिस व्यक्ति ने सूरत में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी वह कोर्ट में गया और 1 साल के लिए अपने ही मामले पर रोक लगाने के लिए कहा। लेकिन राहुल गांधी ने अडाणी पर संसद में भाषण देने के बाद मामले को फिर से ओपन करवाया गया। 1 महीने के अंदर सुनवाई हुई और राहुल को दोषी करार दिया गया।
युवक बेरोजगार क्यों हैं
आज तमाम नौजवान बेरोजगार क्यों हैं। कहते हैं हमारी अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है तो इतने नौजवान बेरोजगार क्यों हैं। इतनी महंगाई क्यों है। क्या आप इतने बड़े काम कर सकते हो तो गैस सिलेंडर का दाम क्यों कम नहीं कर सकते। छोटे व्यापारियों की मदद नहीं कर सकते तो फिर आपकी सरकार किस लिए है। लोगों को दबाने के लिए है या अडाणी को आगे बढ़ाने के लिए है।
कन्याकुमारी से कश्मीर क्यों चला
एक आदमी कन्याकुमारी से कश्मीर तक क्यों चला। उसमें समता की, एकता की भावना थी। आज मीडिया, मंत्री, सांसद कह रहे हैं राहुल गांधी ने विदेश जाकर देश का अपमान किया। जो आदमी जनता की आवाज उठा रहा है, वो देश का अपमान कर सकता है। क्या ये आदमी एक वर्ग का अपमान कर सकता है। ये आदमी क्या कह रहा है गरीबों को उनका हक दो, नौजवानों महिलाओं को अपना हक दो। राहुल गांधी ने सवाल पूछे तो उसे संसद से बाहर कर दिया। राहुल गांधी ने दुनिया के दो सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों, हार्वर्ड और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अपनी शिक्षा पूरी की और वे उन्हें 'पप्पू' कहने लगे, लेकिन बाद में पता चला कि वह तो 'पप्पू' है ही नहीं, वह तो ईमानदार हैं और आम जनता के मुद्दों को समझता है।
लोकतंत्र का मतलब क्या है
लोकतंत्र को बचाने का मतलब क्या है। लोकतंत्र क्या है खुलकर जवाब मांगों-सवाल उठाओ। यही तो लोकतंत्र है कि आपको अगर कोई आपत्ति है समस्या है तो अपना हक मांग सकते हैं। पूछ सकते हैं कि इतनी महंगाई क्यों है।

राहुल ने खुद को लिखा डिसक्वालिफाइड सांसद
सदस्यता जाने के बाद राहुल गांधी ने रविवार को ट्विटर पर अपना बायो बदल दिया। उन्होंने खुद को डिसक्वालिफाइड सांसद लिख दिया। बताते चलें कि लोकसभा सचिवालय 24 मार्च को राहुल गांधी को डिसक्वालिफाइड कर दिया था। राहुल केरल के वायनाड से सांसद थे। दरअसल मानहानि केस में सूरत कोर्ट ने राहुल को 2 साल की सजा सुनाई है। जिसके बाद उनकी संसद की सदस्यता रद्द कर दी गई। राहुल गांधी ने 2019 में कर्नाटक की सभा में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था।

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