द फॉलोअप डेस्क, रांची:
ओडिशा से राज्यसभा की सांसद ममता मोहंता ने कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूचि मे शामिल करने को लेकर गृहमंत्री अमित शाह से वार्ता की। अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए ममता मोहंता ने लिखा कि कुड़माली मातृभाषा को संविधान की 8वीं अनुसूचि में शामिल करने को लेकर गृहमंत्री अमित शाह से सकारात्मक बातचीत हुई। राज्यसभा सांसद ममता मोहंता का कहना है कि इस संबंध में संकेत मिला है कि जल्द ही सकारात्मक परिणाम मिलेगा।
झारखंड के लिहाज से बहुत बड़ी खबर है
ममता मोहंता द्वारा कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने पर गृहमंत्री से सकारात्मक संकेत मिलने की बात कहना झारखंड के लिहाज से भी काफी अहम है। दरअसल, झारखंड में कुड़मी समाज की बड़ी आबादी रहती है। कुड़मी समाज के लोगों ने उन्हें एसटी समुदाय का दर्जा देने और कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर कई चरणों मे आंदोलन किया है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में कुड़मी समुदाय के लोग रहते हैं।
यदि कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने को लेकर राज्यसभा सांसद ममता मोहंता को गृहमंत्री अमित शाह से सकारात्मक संकेत मिला है तो यह पूरे समुदाय के लिए बहुत बड़ी खबर है।
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कुड़मी समाज का रेल टेका-डहर छेका आंदोलन
गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में ही कुड़मी समुदाय एसटी दर्जा देने और कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत अन्य कुड़मी बहुल इलाकों में रेल टेका-डहर छेका आंदोलन हुआ था। हजारीबाग, बरकाकाना, रांची, रामगढ़, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो समेत कई जगहों पर रेल ट्रैक जाम किया गया था। इस आंदोलन को झारखंड की आजसू पार्टी और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का समर्थन प्राप्त था।