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ओडिशा में NHAI की हरित पहल, हाईवे पर 5.20 लाख पौधे, औषधीय वन और मधुमक्खी कॉरिडोर विकसित

ओडिशा में NHAI की हरित पहल, हाईवे पर 5.20 लाख पौधे, औषधीय वन और मधुमक्खी कॉरिडोर विकसित

द फॉलोअप डेस्क 

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (National Highways Authority of India-NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय ने 'आरोग्य वन' प्रोग्राम (Arogya Van Programme) समेत कई हरित पहलों (Green Initiatives) के तहत ओडिशा में चार महीनों में 5.20 लाख पौधे लगाए हैं। NHAI के सूत्रों ने सोमवार को बताया कि इसका मकसद औषधीय पौधों (Medicinal Plants) और जैव विविधता (Biodiversity) को बढ़ावा देना है। 'आरोग्य वन' के तहत, रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (Raipur-Visakhapatnam Economic Corridor-NH 130CD) पर कोरापुट जिले के कुंडुली में 2,500 औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों में बहेड़ा, नीम, हरड़ और आंवला जैसी पारंपरिक औषधीय प्रजातियां (Traditional Medicinal Species) शामिल हैं, जो स्थानीय औषधीय पौधों और जैव विविधता के संरक्षण (Conservation) में मदद करती हैं।

मकसद खाली पड़ी उपयुक्त ज़मीन पर औषधीय वन विकसित करना 

इस पहल का मकसद नेशनल हाईवे के किनारे खाली पड़ी उपयुक्त ज़मीन पर औषधीय वन विकसित करना है। उम्मीद है कि ये ग्रीन स्पेस परागणकों (pollinators), पक्षियों और छोटे वन्यजीवों को सहारा देंगे, इकोलॉजिकल क्षमता को मज़बूत करेंगे और भारत की औषधीय पौधों की विरासत के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाएंगे। 'बी कॉरिडोर प्लांटेशन' (मधुमक्खी कॉरिडोर वृक्षारोपण) पहल के तहत, NHAI ने हाईवे कॉरिडोर के किनारे परागणकों को सहारा देने और जैव विविधता को बढ़ाने के लिए कम से कम 39,337 पौधे लगाए हैं। इनमें नीम, स्पैथोडिया, अर्जुन, पटोली, कदंब, टैबेबुइया रोज़िया और राधाचूड़ा जैसे पौधे शामिल हैं।

हाईवे के बीच 87,338 पौधे लगाए गए

इसके अलावा, हाईवे के बीच की जगह, मीडियन पर 87,338 पौधे लगाए गए हैं। इनमें बोगनवेलिया, टेकोमा, कैलियांड्रा और सीसलपिनिया जैसी फूल वाली प्रजातियां शामिल हैं, जिनका मकसद नेशनल हाईवे की सुंदरता और इकोलॉजिकल महत्व को बढ़ाना है। इन पहलों में 6,000 बांस के पौधे और कम्युनिटी प्लांटेशन के तहत 7,097 पौधे भी शामिल हैं। NHAI ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हाईवे कॉरिडोर से बाहर भी ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सामुदायिक जगहों पर भी वृक्षारोपण का काम किया है।


 

Tags - Odisha NHAI Corridor Medicinal Biodiversity