द फॉलोअप डेस्क
28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश (Northern Andhra Pradesh) और दक्षिणी ओडिशा (Southern Odisha) के बीच एक चक्रवात (Cyclone) के टकराने की संभावना (Possibility of Landfall) को देखते हुए, ओडिशा सरकार (Odisha Government) ने अपने पूरे प्रशासनिक तंत्र (Administrative Machinery) को सक्रिय (Activated) कर दिया है। आपदा प्रबंधन (Disaster Management) में राज्य के बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड (Track Record) का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नागरिकों (Citizens) को भरोसा दिलाया कि प्रशासन 'जीरो कैजुअल्टी' (Zero Casualty) यानी किसी की जान न जाए, के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 24 अक्टूबर 2026 को लोक सेवा भवन में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में, मुख्यमंत्री ने कहा कि 'दाना' और 'मोन्था' जैसे गंभीर चक्रवातों से निपटने के पिछले अनुभवों ने ओडिशा की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (rapid-response framework) को और अधिक मजबूत बना दिया है।

उच्च जोखिम वाले क्षेत्र
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस चक्रवात के कारण भारी बारिश और 80 से 90 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हालांकि मौजूदा अनुमानों के अनुसार इसके आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना अधिक है, लेकिन दक्षिणी ओडिशा में भी इसके गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। प्रशासन ने पांच जिलों को सबसे अधिक संवेदनशील (जोखिम वाले) क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है। ये हैं गंजम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी। इसके अलावा अन्य तटीय जिलों में भी रुक-रुक कर भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

राज्य सरकार ने ये फैसले लिये हैं-
शिक्षण संस्थानों को बंद रखना: 28 और 29 अक्टूबर को इन 5 उच्च जोखिम वाले जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। अन्य क्षेत्रों के जिला कलेक्टरों को मौसम की स्थिति के आधार पर स्थानीय स्तर पर शिक्षण संस्थान बंद करने का अधिकार दिया गया है।
बलों की तैनाती: बचाव कार्यों के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार किया गया है, जिसमें ODRAF की 60 टीमें, NDRF की 17 टीमें और फायर सर्विस की 225 टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी: चक्रवात और बाढ़ आश्रय स्थल (shelters) पूरी तरह तैयार हैं। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सुरक्षित स्थानों या चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने पर विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के केंद्रों पर इमरजेंसी किट, दवाइयां और सांप के काटने के इलाज के लिए एंटी-वेनम इंजेक्शन का स्टॉक मौजूद है।
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किसानों को सलाह: कृषि संबंधी सलाह: फसल कटाई का मौसम चल रहा है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल की कटाई कर लें और उसे सुरक्षित जगह पर रख लें, ताकि कृषि को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। बुनियादी ढांचा और बहाली: इंजीनियरिंग विभाग किसी भी स्थिति से तुरंत निपटने के लिए तैयार हैं। गिरे हुए पेड़ों को जल्दी हटाने और बंद रास्तों को खोलने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। मछुआरों को सख्त सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं।
