द फॉलोअप डेस्क:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर नाराजगी के स्वर उठने लगे हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी से सवाल किया जा रहा है। चुनाव प्रबंधन का काम संभालने वाली संस्था आईपैक निशाने पर है। टीएमसी के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने कई तीखे सवाल पूछे हैं। वह कहते हैं कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी कि कैसे एक बाहरी संगठन, आईपैक पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब हो जाती है।
उन्होंने कहा कि जब आईपैक से जुड़े प्रतीक जैन के घर पर ईडी का छापा पड़ा तो ममता बनर्जी पार्टी का डाटा निकालने के लिए वहां पहुंच गईं। अब ममता बनर्जी के नाम पर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। यदि थोड़ी भी मुश्किल आई तो संभव है कि ममता बनर्जी को जेल जाना पड़े।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Suspended TMC leader, Riju Dutta says, "... Where is Pratik Jain (Director, Pratik Jain) today? He ran away. What loss did he incur? He earned money from the TMC, and he raised money from the market... But you can't challenge I-PAC because it is… pic.twitter.com/vmTfz8rkmM
— ANI (@ANI) May 10, 2026
रिजू दत्ता ने पूछे कई तीखे सवाल
रिजू दत्ता ने कहा कि दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही अगली सुबह आईपैक के डायरेक्टर विनेश चंदेल को निचली अदालत से जमानत मिल गई। इससे साफ पता चलता है कि पूरा मामला ही मनगढंत था। रिजू दतता ने कहा कि आपने कभी उदाहरण देखा है कि निचले पीएमएलए कोर्ट से किसी को जमानत मिल जाती है और ईडी इसका विरोध भी नहीं करती। इसका मतलब है कि सबकुछ पहले से तय था।

टीएमसी में आईपैक की भूमिका पर सवाल
रिजू दत्ता वह पहले व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने टीएमसी में आईपैक की भूमिका और प्रभाव पर सवाल उठाया है। कई पूर्व सांसदों, विधायकों ने भी कहा है कि मैं कल के आए लड़के से क्यों सलाह लूंगा कि मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र में कैसे काम करना है। हमने 4 दफा चुनाव जीता है। सांसद, विधायक रहां हूं। मंत्रिपद संभाला है। ऐसे में आईपैक जैसी संस्था मुझे नहीं बताएगी कि कैसे चुनाव प्रचार करना है।