द फॉलोअप डेस्क
जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने के बाद कर्नाटक की एक विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने सुनाया। यह मामला 48 वर्षीय एक महिला से जुड़ा है जो हासन जिले में रेवन्ना के पारिवारिक गन्निकाडा फार्महाउस पर घरेलू सहायिका के रूप में कार्यरत थी। महिला ने आरोप लगाया कि रेवन्ना ने 2021 में बेंगलुरु स्थित अपने घर और फार्महाउस में दो बार उसके साथ दुष्कर्म किया।

रेवन्ना ने इस पूरे कृत्य का वीडियो मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो वह वीडियो सार्वजनिक कर देगा। पीड़िता के मुताबिक उसे लंबे समय तक चुप रहने के लिए डराया-धमकाया गया। यह मामला तब चर्चा में आया जब लोकसभा चुनाव 2024 से पहले हासन में प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित अश्लील वीडियो एक पेन ड्राइव के ज़रिए लीक हुए और तेजी से वायरल हो गए। इसके बाद रेवन्ना के खिलाफ एक के बाद एक चार एफआईआर दर्ज की गईं।

मजबूत गवाही और डिजिटल साक्ष्यों ने दी सजा की नींव
विशेष सरकारी वकील अशोक नायक ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 26 गवाहों की गवाही कराई और 180 दस्तावेज पेश किए। इनमें सबसे अहम गवाही खुद पीड़िता की थी, जिसे कोर्ट ने पूरी तरह विश्वसनीय माना। साथ ही वीडियो फुटेज, टेक्निकल डेटा और मेडिकल रिपोर्ट ने केस को और मजबूत किया। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने सितंबर 2024 में 1,632 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें 113 गवाहों के बयान शामिल थे।
31 मई 2024 को रेवन्ना को जर्मनी से लौटने के बाद बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। वह लोकसभा चुनाव के दौरान हासन सीट से मैदान में थे, लेकिन हार गए। गिरफ्तारी के बाद जेडीएस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। अदालत का यह फैसला कर्नाटक की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए एक अहम संदेश माना जा रहा है।
