द फॉलोअप डेस्क
पड़ोसी देश नेपाल में तख्तापलट के कारण उथल-पुथल मचा हुआ है। यहां युवा सड़क पर उतर आयें हैं। वहीं देश की कमान अब सेना ने संभाल ली है। इस बीच नेपाल के जलेश्वर जेल ब्रेक कांड के बाद फरार हुए दस कैदी मंगलवार की देर रात चोरी-छिपे भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे तभी एसएसबी ने उन्हें पकड़ लिया है। जवानों ने उन्हें अपने हिरासत में लेकर भिठ्ठा व सुरसंड थाना पुलिस को सौंप दिया है। पकड़े गए इन कैदियों में आठ नेपाल के और दो भारत के नागरिक शामिल हैं। .jpeg)
मामले की जानकारी देते हुए भिठ्ठा थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि इन कैदियों में नेपाल के धनुषा जिला के मुखियापट्टी मुसहरनिया निवासी रामगुलाम महतो, औरही थाना क्षेत्र के हसनपुर नगरपालिक निवासी विनोद राय, महोत्तरी के धिरापुर गांव निवासी मोजाहिद अंसारी, लोहरपट्टी थाना क्षेत्र के खुट्टा पिपराढ़ी निवासी सुरेन्द्र साह सोनार, धनुषा के कुर्था गांव निवासी इंद्रेश मंडल तथा धनुषा के यदुकाहा निवासी कृष्ण कुमार महतो शामिल हैं।.jpg)
वहीं बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर निवासी मोहन कुमार को भी पकड़ा गया है। सुरसंड थानाध्यक्ष धनंजय कुमार पांडे ने बताया मोतिहारी जिला के परसौनी खेम निवासी गुड्डू कुमार, जलेश्वर वार्ड संख्या-1 निवासी रियाज दफाली तथा नेपाल के हेठौढ़ा वार्ड संख्या-3 निवासी राजेश तमांग को हिरासत में लिया गया है। आगे की कार्रवाई वरीय पद्धिकर्यिओन के निर्देश पर की जाएगी। 
दरअसल हाल ही में नेपाल सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार के इस कदम के बाद युवाओं जिन्हें जेन-जी नाम दिया गया है, का गुस्सा फूट पड़ा, जो पहले से ही भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी से परेशान थे। बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद इस विरोध प्रदर्शन ने बड़ा हिंसक रूप ले लिया। और वहां के संसद भवन में आग लगा दिया गया। वहीं बीते दिन मंगलवार को नेपाल के गृहमंत्री के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है।