रांची
सरना धर्म कोड की मांग को लेकर रांची के मोरहाबादी मैदान में देशभर के आदिवासियों का महाजुटान शुरू हो गया है। आदिवासियों का यह महाजुटान आदिवासी सेंगेल अभियान के बैनर तले हो रहा है। अभियान के मुखिया सालखन मुर्मू ने कहा कि महाजुटान का मकसद सरना धर्म को कोड को जल्द से जल्द से लागू कराना है। इसके लिए मोरहाबादी मैदान में विशाल महासभा हो रही है। सालखन ने बताया कि महासभा में देशभर के आदिवासी भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। महासभा का मकसद सरना धर्म कोड के लिए झारखंड की राजधानी रांची से लेकर दिल्ली तक के हुक्मरानों तक आवाज पहुंचाना है। कहा कि महाजुटान मे अब तक असम और अरुणाचल प्रदेश से आदिवासी समूहों का पहुंचना शुरू हो गया है।

क्या कहा सेंगेल अभियान के मुखिया सालखन ने
आदिवासी सेंगेल अभियान के मुखिया व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने बताया कि झाऱखंड के आदिवासियों को अब तक धार्मिक आजादी नहीं मिली है। जबकि झारखंड राज्य का निर्माण हुए दो दशक से अधिक का समय बीत चुका है। धर्म की बात आती है को हमको जबरन हिंदू, ईसाई और मुस्लिम बना दिया जाता है। आरोप लगाया कि ये एक तरह से हिंदू राष्ट्र, ईसाई राष्ट्र और मुस्लिम राष्ट्र से जुड़ा मामला बन जाता है। ऐसी सूरत में क्यों ने आदिवासी भी आदिवासी राष्ट्र की बात करें। हमारे पास इसके लिए मजबूत आधार है। आदिवासी भारत के मूल निवासी हैं। इस मांग को दिल्ली तक पहुंचाना है। सालखन ने कहा कि 15 नवंबर को प्रधानमंत्री झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातू आ रहे हैं। आदिवासी समाज पीएम से भी सरना धर्म कोड लागू करने की मांग करता है। कहा कि अगर पीएम आदिवासी समाज की परवाह करते हैं तो वो सरना धर्म कोड लागू करके दिखाएं। आदिवसी समाज केवल वोट बैंक नहीं है।

विधानसभा में पारित हो चुका है सरना धर्म कोड का बिल
गौरतलब है कि सरना धर्म कोड की दिशा में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पहले से सचेत है। हेमंत सरकार ने सरना धर्म कोड प्रस्ताव को 11 नवंबर 2020 को विधानसभा में पारित कर दिया है। इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जा चुका है। इस प्रस्ताव में 2021 की जनगणना में संशोधन पर जोर दिया गया था। ताकि आदिवासियों को एक अलग धार्मिक श्रेणी यानी सरना धर्म की श्रेणी में रखा जा सके। बता दें कि 2011 की जनगणना के मुताबिक सरना धर्मावलंबियों की आबादी पूरे देश में छह करोड़ और झारखंड में लगभग 41 लाख हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरना धर्म कोड को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्राचार भी किया है।