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इजरायली हमले में मारे गए अल-जजीरा के 5 पत्रकार, प्रियंका गांधी ने कहा- ये जघन्य अपराध; नेतन्याहू ने जताया ऐतराज

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द फॉलोअप डेस्क 
गाजा में इजरायली हमले में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे एक "जघन्य अपराध" करार दिया और कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ है। प्रियंका ने अपने बयान में यह भी कहा कि जो लोग सच के पक्ष में खड़े होते हैं, उनके हौसले इस्राइली हिंसा से नहीं टूटेंगे।
हालांकि, प्रियंका गांधी के इस बयान पर इजराइल  के राषट्रपति नेतन्याहू  ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके आरोपों को "शर्मनाक ढकोसला" बताया। राजदूत ने कहा कि प्रियंका गांधी को हमास द्वारा दिए गए आंकड़ों पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इजराइल ने अब तक 25,000 से अधिक हमास आतंकियों का सफाया किया है।


उन्होंने कहा कि गाजा में नागरिक हताहतों की संख्या हमास की रणनीति का नतीजा है, क्योंकि वे जानबूझकर आम नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं। अजार ने यह भी दावा किया कि इजराइल ने गाजा में 20 लाख टन भोजन भेजा, लेकिन हमास उसे जब्त कर लोगों में भुखमरी फैला रहा है।
इससे पहले प्रियंका गांधी ने एक्स पर यह भी लिखा था कि इजराइल नरसंहार कर रहा है, जिसमें अब तक 60 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 18,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है, जो बेहद शर्मनाक है।


प्रियंका ने अल-जजीरा के मारे गए पत्रकारों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सच्ची पत्रकारिता के प्रतीक इन लोगों की हत्या एक और अमानवीय कृत्य है। उन्होंने लिखा, “एक ऐसी दुनिया में जहां मीडिया अक्सर सत्ता और मुनाफे का गुलाम बन चुका है, इन बहादुर पत्रकारों ने सच के लिए खड़ा होना सिखाया।” गौरतलब है कि इजरायली सेना ने मारे गए पत्रकार अनस अल शरीफ को हमास से जुड़ा आतंकी बताया था। हालांकि, पत्रकार सुरक्षा समिति (CPJ) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।

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