द फॉलोअप डेस्क
Assam News: हर साल होने वाले दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया को तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, धुबरी म्युनिसिपल बोर्ड (Dhubri Municipal Board) इस साल कचहरी घाट पर एक मशीनी विसर्जन सिस्टम (Mechanical Immersion System) शुरू कर रहा है। धुबरी म्युनिसिपल बोर्ड के चेयरमैन (Chairman) डॉ. देबमय सान्याल के अनुसार, इस साल धुबरी में लगभग 113 दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की उम्मीद है। पारंपरिक रूप से, प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल (Immersion Site) पर लाने से पहले शहर में एक जुलूस (Procession) के तौर पर ट्रकों में ले जाया जाता है।

पूरी विसर्जन प्रक्रिया रात 11 बजे तक चल सकती है
तैयारियों के बारे में बात करते हुए, डॉ. सान्याल ने कहा कि जुलूस सुबह लगभग 11 बजे PWD पॉइंट से शुरू होगा और आम तौर पर दोपहर 3 बजे तक विसर्जन स्थल पर पहुंच जाएगा, बशर्ते गाड़ी खराब होने या भारी बारिश जैसी कोई रुकावट न आए। मौजूदा सिस्टम के तहत, पूरी विसर्जन प्रक्रिया रात 11 बजे तक चल सकती है। चेयरमैन ने कहा कि म्युनिसिपल बोर्ड कई सालों से विसर्जन में लगने वाले समय को कम करने के लिए एक मशीनी सिस्टम शुरू करने की कोशिश कर रहा था। इस पहल को तब तेज़ी मिली जब कॉन्ट्रैक्टर दीपांकर पाल ने इस खास काम को करने के लिए कोलकाता की एक टीम को काम पर लगाया।

टीम 10-11 महीनों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है
डॉ. सान्याल के अनुसार, यह टीम पिछले 10-11 महीनों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और अब काम पूरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि लगभग 90-95% काम पहले ही पूरा हो चुका है और मशीनरी लगाई जा रही है; अगले कुछ दिनों में ट्रायल रन होने की उम्मीद है। डॉ. सान्याल ने कहा, "अगर ट्रायल सफल रहा, तो हम विसर्जन प्रक्रिया को बहुत तेज़ी से पूरा कर पाएँगे।" उन्होंने संकेत दिया कि मशीनी सिस्टम से हर पाँच से छह मिनट में एक प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकेगा।
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