द फॉलोअप डेस्क, रांची:
चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन हुआ। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की दिल्ली इकाई के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन और जनसभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के धरना स्थल तक जाने से रोक दिया। उन्हें धरना स्थल से कुछ ही दुरी पर लगे बैरिकेड के पास रोका गया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया और सड़क खाली करवा दी। हिरासत में लिए गए लोगों में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव सहित दो दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारी शामिल हैं।
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प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की
पुलिस ने पहले AISA के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान मौजूद थे। प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भी पहुंची थीं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपराधी बताया और उन्हें पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यह प्रदर्शन एक समाचार पत्र की हालिया रिपोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर उठाए गए सवाल को लेकर है।

ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो के नारे लगाए
जिसमें चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो के नारे लगाए और चुनाव आयोग के कामकाज पर आरोप लगाए। प्रदर्शन में AISA की अध्यक्ष नेहा, योगेंद्र यादव, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा, CPI(ML) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य, अंजलि भारद्वाज समेत कई कार्यकर्ता और जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। यह विरोध ऐसे समय हुआ है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के प्रबंधन और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।