द फॉलोअप डेस्क
संसद की सुरक्षा की कमान CISF (Central Industrial Security Force) को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इस बाबत गृह मंत्रालय ने संसद परिसर का सर्वे करने का निर्देश CISF के उच्च अधिकारियों को दिया है। बता दें कि 13 दिसंबर को लोकसभा कार्यवाही के दौरान दो घुसपैंठिये दर्शक दीर्घा तक पहुंच गये थे। इसे संसद की सुरक्षा में चूक का बड़ा मामला कहा गया है। विपक्ष इसे लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। मामले में गृहमंत्री अमित शाह के बयान की मांग की जा रही है। इस दौरान हंगामा करने के आरोप में केंद्र सरकार ने अबतक 146 सासंदों को संसद के शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया है।

CISF का फायर विंग भी रहेगा सुरक्षा में
गृह मंत्रालय ने आज CISF को संसद परिसर का सर्वे करने का निर्देश दिया है। इससे पता चल पायेगा कि संसद की सुरक्षा के लिए कौन से कदम और तकनीक उठाये जाने चाहिये। खबर है कि सुरक्षा के लिए CISF के फायर विंग संसद परिसर में तैनात किया जायेगा। ताकि अगजनी की हालत में भी सुरक्षा के पुख्ता कदम उठाये जा सकें। गौरतलब है कि वर्तमान में CISF के जिम्मे दिल्ली सरकार के मंत्रालय, एयरपोर्ट और मेट्रो रेलवे आदि हैं। खबर है कि CISF संसद की सुरक्षा के लिए कुछ नई बहालियां भी करेगा।

13 दिसंबर को संसद में हुई थी घुसपैंठ
गौरतलब है कि संसद की सुरक्षा में चूक मामले में लोकसभा के 6 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही इसमें संलिप्त 6 आरोपियों को पहले से गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 दिसंबर को संसद की दर्शक दीर्घा में दो लोग स्मोक स्प्रे लेकर घुस आये थे। दोनों जारी सदन में कूद आये और सासंदों पर स्मोक स्प्रे का छिड़काव करने लगे। इससे संसद के एक हिस्से में धुंआ फैल गया। इससे न सिर्फ संसद में मौजूद सांसदों में खलबली मची, बल्कि इस घटना से पूरे देश में हड़कंप मच गया।
