द फॉलोअप डेस्क
असम सरकार ने स्वयं-सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों द्वारा लिए गए 10 लाख रुपये तक के लोन पर स्टाम्प ड्यूटी माफ़ करने का फ़ैसला किया है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने 'असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन' के तहत स्वयं-सहायता समूह (SHG) के सदस्यों द्वारा किए गए व्यक्तिगत लोन दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी माफ़ी को मंज़ूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने कहा कि यह छूट रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा रेगुलेटेड शेड्यूल कमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थानों से आजीविका और उद्यम के उद्देश्यों के लिए लिए गए 10 लाख रुपये तक के लोन पर लागू होगी।

'असम आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा नियम, 2026' को भी मंज़ूरी
सरमा ने यह भी कहा कि कैबिनेट ने बिक्री समझौतों, विकास समझौतों, संपत्ति से संबंधित पावर ऑफ़ अटॉर्नी, अल्पकालिक लीज़, इक्विटेबल मॉर्गेज, बिक्री प्रमाण-पत्र, बैंक गारंटी, विलय और डीमर्जर के माध्यम से हस्तांतरण और अचल संपत्ति से जुड़ी पार्टनरशिप के समझौतों के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन को मंज़ूरी दी है। कैबिनेट ने 'असम आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा नियम, 2026' को भी मंज़ूरी दी। उन्होंने कहा, "सेवा नियम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के तहत असम आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा में नियुक्त मेडिकल अधिकारियों (आयुर्वेद) की भर्ती और सेवा शर्तों को रेगुलेट करेंगे।"

इन समुदायों के लिए एक-एक अतिरिक्त सीट का आरक्षण सुनिश्चित होगा
इसके अलावा, कैबिनेट ने 'असम के मेडिकल कॉलेजों और डेंटल कॉलेजों (MBBS/BDS कोर्स के पहले वर्ष में प्रवेश का नियमन) नियम, 2017' में संशोधन को मंज़ूरी दी। सरमा ने कहा, "इससे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मोरन, मटक, कोच राजबोंगशी, ताई अहोम और चुटिया समुदायों के लिए एक-एक अतिरिक्त सीट का आरक्षण सुनिश्चित होगा।" इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य के मूल निवासी अनाथ उम्मीदवारों के लिए विशेष रूप से दो MBBS सीटों के आरक्षण की घोषणा की, जिन्हें उनकी संबंधित सामाजिक श्रेणी की सीटों के तहत समायोजित किया जाएगा। उनके अनुसार, कैबिनेट ने उन छात्रों के प्रवेश को भी मंज़ूरी दी है जो असम के स्थायी निवासी तो हैं (तीन पीढ़ियों से), लेकिन जिनकी स्कूली शिक्षा राज्य के बाहर हुई है। शर्मा ने कहा कि सरकार ने अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 की अवधि के लिए मसूर दाल और चीनी की खरीद के तरीके को भी मंज़ूरी दे दी है।
