शिवसागर
ऊपरी असम में बेमिसाल बाढ़ और नुकसान के पैमाने को लेकर अनिश्चितता के बीच, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को मरने वालों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये की मुआवज़ा राशि का ऐलान किया। वहीं, अकेले शिवसागर ज़िले में ही करीब 70 लोग लापता हैं। मुख्यमंत्री ने पड़ोसी ज़िले चराइदेव में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के बाद शिवसागर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम हर मृतक के परिवार को तुरंत राहत के तौर पर 4 लाख रुपये देंगे। मैं भविष्य में भी उनकी मदद करने की कोशिश करूंगा।"

प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। मैंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि इस संकट की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। हमारी सरकार पुनर्वास और आजीविका को फिर से खड़ा करने के हर चरण में उनके साथ खड़ी है।" मौजूदा बाढ़ की लहर में शिवसागर सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िला बनकर उभरा है, जहां लगभग 3.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद जोरहाट का नंबर आता है, जहां लगभग 88,000 निवासी प्रभावित हुए हैं, जबकि चराइदेव में 72,500 से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सरमा ने कहा कि अभी मरने वालों की अंतिम संख्या का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।

अकेले शिवसागर में करीब 70 लोग लापता
उन्होंने कहा, "अभी मरने वालों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि अकेले शिवसागर में ही करीब 70 लोग लापता हैं। हमें सही संख्या तीन या चार दिन बाद ही पता चल पाएगी।" तबाही के पैमाने को बेमिसाल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रभावित निवासियों से मिलने के साथ-साथ चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में स्थिति का जायज़ा लिया है। सरमा ने कहा, "यह बेमिसाल है। पानी का स्तर घरों की छतों तक पहुंच गया है। कई लोगों की जान चली गई है। घरों और खेतों को भारी नुकसान हुआ है, साथ ही मवेशियों का भी नुकसान हुआ है।"
