द फॉलोअप डेस्क
असम सरकार ने विधानसभा को बताया है कि असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) के तहत अभी 371 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। इन बसों को खरीदने और चार्जिंग स्टेशन बनाने में कुल 360.40 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। विधायक डॉ. आसिफ मोहम्मद नज़र के एक सवाल का जवाब देते हुए, परिवहन मंत्री चरण बोरो ने कहा कि राज्य को केंद्र की PM ई-बस सेवा योजना के तहत 2025-26 में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलीं। मंत्री ने कहा कि ASTC भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए पूरे राज्य में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का विस्तार कर रहा है। गुवाहाटी, जागीरोड, मिर्जा, बाइहाटा चारियाली, नलबाड़ी, मंगलदाई, तेजपुर और विश्वनाथ चारियाली में चार्जिंग स्टेशन पहले ही बनाए जा चुके हैं।

इन स्थानों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का विस्तार
इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का विस्तार गुवाहाटी से आगे कामरूप, मोरीगांव, नलबाड़ी, दरांग, तामुलपुर, उदलगुरी, सोनितपुर और विश्वनाथ जिलों तक भी किया गया है। मंत्री के अनुसार, ASTC के बेड़े में शामिल 371 इलेक्ट्रिक बसों में से 161 बसें टाटा मोटर्स, 110 ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक और 100 JBM द्वारा बनाई गई हैं। सदन को बताया गया कि बसें टाटा मोटर्स लिमिटेड, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड और JBM इकोलाइफ मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड से खरीदी गई थीं। सरकार ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट देने से पहले टेंडर मंगाए गए थे।

केंद्र की FAME-I योजना के तहत टाटा की बसें खरीदी गई थीं
मंत्री ने कहा कि केंद्र की FAME-I योजना के तहत टाटा की 15 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी गई थीं। उन्होंने कहा कि ASTC को गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के ज़रिए भी 200 इलेक्ट्रिक बसें मिलीं। 100 कम रेंज वाली और 100 ज़्यादा रेंज वाली बसों के लिए अलग-अलग टेंडर निकाले गए थे। शुरुआती टेंडर पर अच्छा रिस्पॉन्स न मिलने के बाद, नई बोलियां मंगाई गईं, जिसके बाद टाटा मोटर्स और ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक को कॉन्ट्रैक्ट दिए गए। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि 2025-26 के दौरान PM ई-बस सेवा योजना के तहत मिली 100 बसें केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आवंटित की गई थीं, जिसने टेंडर की प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से पूरी की थी।
