गुवाहाटी
असम को चंद्रपुर में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) की एक एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को इसकी नींव रखी। बारिश और बाढ़ की वैज्ञानिक निगरानी को मज़बूत करने की इसकी क्षमता पर ज़ोर देते हुए, सरमा ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन देने का फ़ैसला किया था। सरमा ने कहा, "दो साल पहले, ISRO ने हमें बताया था कि वह असम में कई रडार के साथ एक ISRO सेंटर बनाना चाहता है। इनसे अंतरिक्ष की घटनाओं और राज्य व देश पर उनके असर का वैज्ञानिक अध्ययन करने में मदद मिलेगी। बाढ़, बारिश और दूसरी घटनाओं के बारे में हमें पहले से जानकारी मिल सकेगी, जिनका हम पर असर पड़ सकता है।"
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वायुमंडलीय और मौसम से जुड़ी घटनाओं का अध्ययन होगा
यह सेंटर असम सरकार द्वारा दी गई लगभग 200 बीघा (यानी करीब 70 एकड़) ज़मीन पर बनेगा। इसमें वायुमंडलीय और मौसम से जुड़ी घटनाओं का अध्ययन करने और बारिश व बाढ़ जैसी घटनाओं पर वैज्ञानिक डेटा तैयार करने के लिए एक एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने उन्हें जानकारी दी थी कि पहला रडार, जो बादलों के अध्ययन के लिए है, फरवरी में लगाया जाएगा।

वैज्ञानिक डेटा तैयार करने की असम की क्षमता को बढ़ाएगा
उम्मीद है कि यह फैसिलिटी मौसम प्रणालियों का अध्ययन करने और ऐसा वैज्ञानिक डेटा तैयार करने की असम की क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे बारिश और बाढ़ से जुड़ी अन्य वायुमंडलीय घटनाओं के बारे में पहले से जानकारी मिल सकेगी। सरमा ने याद दिलाया कि चंद्रपुर की इस जगह पर पहले एक थर्मल पावर प्लांट था, जो बिजली बनाने के लिए फर्नेस ऑयल का इस्तेमाल करता था। उन्होंने कहा, "समय के साथ, बिजली बनाने की लागत बहुत ज़्यादा हो गई। धीरे-धीरे, असम राज्य बिजली बोर्ड इस ज़मीन से हट गया।"

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