द फॉलोअप डेस्क
हफ़्तों की अनिश्चितता और लंबी बातचीत के बाद, असम में एंड्रयू यूल चाय कंपनी (Andrew Yule Tea Company) के 10 चाय बागानों के मज़दूरों और कर्मचारियों को आखिरकार 2025-26 के लिए 20 प्रतिशत बोनस (Bonus) मिल गया है। इससे हज़ारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जो त्योहारों के मौसम से पहले किसी समझौते (Agreement) का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। यह समझौता राज्य के श्रम आयुक्त (Labour Commissioner) अनंत लाल ज्ञानी और बागान के मुख्य निरीक्षक (Chief Inspector) कनपाई दास की पहल पर हुई बातचीत के बाद हुआ, जिसमें एंड्रयू यूल चाय कंपनी के शीर्ष प्रबंधन अधिकारी (Top Management Officials) भी शामिल थे।
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20 प्रतिशत बोनस का भुगतान दो किस्तों में
समझौते के तहत, भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSE) एंड्रयू यूल, 20 प्रतिशत बोनस का भुगतान दो किस्तों में करेगा। असम चाय मज़दूर संघ (ACMS) के कोषाध्यक्ष और सबसे वरिष्ठ नेता लखेश्वर तांती ने बताया कि बातचीत के बाद हुए समझौते के अनुसार, 12 प्रतिशत का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले किया जाएगा, जबकि बाकी 8 प्रतिशत का भुगतान होली के त्योहार से पहले किया जाएगा।

कंपनी के बागानों में असंतोष बढ़ रहा था
इस सफलता से चाय बागान के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जो बोनस समझौते में देरी को लेकर काफ़ी चिंतित थे। कंपनी के बागानों में असंतोष बढ़ रहा था क्योंकि एंड्रयू यूल ने शुरू में असम चाय मज़दूर संघ और असम चाय कर्मचारी संघ (ACKS) की 20 प्रतिशत बोनस की मांग को स्वीकार नहीं किया था। यूनियनों ने कंपनी पर सरकार द्वारा घोषित बोनस से जुड़ी शर्तों का पालन करने का भी दबाव डाला था। लंबी अनिश्चितता ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी थी, खासकर इसलिए क्योंकि त्योहारों का मौसम नज़दीक था और इस दौरान चाय बागान परिवारों के लिए बोनस का भुगतान वित्तीय मदद का एक अहम ज़रिया होता है।
