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'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर आप भी दे सकते हैं राय, 15 जनवरी तक कमेटी को भेज सकते हैं सुझाव

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द फॉलोअप नेशनल डेस्क:

भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की चर्चा लंबे समय से जारी है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वन नेशन-वन इलेक्शन की संभावना तलाशने और इस विषय में कानूनी और संवैधानिक रास्ता तलाश करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक हाईलेवल कमेटी गठित की है। इस कमेटी ने अब एक राष्ट्र-एक चुनाव पर जनता के सुझाव मांगे हैं। नागरिक अपना सुझाव कमेटी की वेबसाइट http.//onoe.gov.in पर पोस्ट कर सकते हैं या अपनी राय sc-hlc@gov.in पर ई-मेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं। कमेटी ने इसके लिए 15 जनवरी 2024 अंतिम तारीख निर्धारित की है। 

 

कमेटी ने सभी राजनीतिक दलों से भी मांगा सुझाव
गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद मोदी सरकार ने देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने, इसकी संवैधानिक और कानूनी संभावना तलाशने और जरूरी कानूनी बदलाव जैसे हालात का आकलन करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय कमेटी गठित की है। इसमें सभी राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया मांगी गई है। कमेटी ने 6 राष्ट्रीय पॉलिटिकल पार्टी, 33 राज्य-स्तरीय पार्टी और 7 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त दलों से सुझाव मांगा है। अक्टूबर में विधि आयोग की अध्यक्ष रितु राज अवस्थी ने कमेटी के कुछ सदस्यों के साथ वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए मुलाकात की थी। गौरतलब है कि कमेटी की पहली बैठक सितंबर 2023 में हुई थी। 

लोकसभा-विधानसभा और निकाय चुनाव हो साथ-साथ
केंद्र सरकार का मानना है कि राज्य विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग होने से समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। अलग-अलग समय में राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल खत्म होता है और प्रतिवर्ष किसी न किसी राज्य में चुनाव होता है। राज्यों में स्थानीय निकाय के चुनाव भी अलग-अलग होते हैं। ऐसे में काफी समय बर्बाद होता है। संसाधन भी बर्बाद होते हैं। चुनाव के समय लगने वाली आचार-संहिता की वजह से कल्याणकारी योजना और विकास कार्य भी बाधित होती हैं।