द फॉलोअप डेस्क
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को एक भयावह प्राकृतिक आपदा घटी। गंगोत्री धाम के समीप स्थित धराली गांव में बादल फटने की घटना के बाद एक स्थानीय नाला अचानक उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ आए पानी और मलबे ने निचले इलाकों में तबाही मचा दी, जिससे कई घर पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। जिला अधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार, इस हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा से प्रभावित क्षेत्र में संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

गंगोत्री धाम से कटा संपर्क, हालात गंभीर
प्राकृतिक आपदा के चलते गंगोत्री धाम का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नाले के साथ आए मलबे और पानी ने धराली बाजार और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रही बारिश से हालात और भी चिंताजनक बने हुए हैं, और दोबारा बादल फटने की आशंका जताई जा रही है।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर घटना को "बेहद दुखद और पीड़ादायक" बताया और बताया कि SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और अन्य टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात कर हालात की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

प्रशासन की अपील – सतर्क रहें, नदी से दूर रहें
प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों को अलर्ट रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार, हर्षिल क्षेत्र में खीर गाड़ नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे धराली कस्बे में व्यापक नुकसान हुआ है। पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, आर्मी और अन्य आपदा प्रबंधन टीमें घटनास्थल पर लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में इन दिनों भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं आम हो गई हैं। हालिया हादसे में न सिर्फ कई लोगों की जानें गई हैं, बल्कि बड़ी संख्या में घर और अन्य संपत्तियां भी प्रभावित हुई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।
