द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारी प्रारंभ हो गयी है। राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार अपनी अपनी तैयारी कर रहा है, वहीं संभावित प्रत्याशी भी चुनाव लड़ने के लिए अपनी कोशिश प्रारंभ कर दी है। निकाय चुनाव के अंतर्गत राज्य में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत का चुनाव होना है। इसमें महापौर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों का चुनाव होना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने समय रहते नगर पालिका निर्वाचन 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए मार्गदर्शिका प्रकाशित कर दी है। उसमें अयोग्यता का विस्तार से जिक्र है। बताया गया है कि कौन व्यक्ति नगर निकाय का चुनाव नहीं लड़ सकता है। अगर तथ्य छुपा कर चुनाव जीत भी गया हो तो उसका निर्वाचन रद्द हो जाएगा।

कोई भी ऐसा व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता है या चुनाव जीतने के बाद उसका निर्वाचन रद्द हो सकता है, अगर..
-अगर भारत का नागरिक नहीं है
-राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तत्समय प्रवृत किसी विधि द्वारा या के अधीन अयोग्य हो। लेकिन वह 21 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो तो इस आधार पर कि वह 25 वर्षों से कम आयु का है, अयोग्य नहीं होगा
-केंद्र या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार की सेवा में हो
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-किसी ऐसे संस्थान में सेवारत हो जिसे केंद्र या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार से सहायता मिलती हो
-किसी सक्षम न्यायालय से न्याय निर्णय के तहत विकृतचित्त हो
-दिवालिया अधिनिर्णीत होने हेतु आवेदन किया हो अथवा अधिनिर्णीत किया गया हो
-भारत के अंदर या बाहर राजनीतिक अपराध से भिन्न किसी अपराध के लिए किसी दंड न्यायालय द्वारा छह महीने से अधिक अवधि तक कारावास या दंडादेश दिया गया हो
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-नगरपालिका के अधीन वेतन भोगी हो या लाभ का पद धारण करता हो, परंतु यह कि कोई व्यक्ति नगरपालिका के अधीन लाभ का पद केवल नगरपालिका का महापौर या अध्यक्ष या पार्षद होने के कारण, धारण करता नहीं समझा जाएगा
-भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया हो, परंतु यह कि भ्रष्ट आचरण का दोषी पाए जाने पर आम चुनाव के छह वर्षों के बाद अयोग्यता समाप्त हो जाएगी
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-जिस वर्ष में निर्वाचन होना या हुआ हो उसके ठीक पूर्ववर्ती वर्ष की समाप्ति पर उस नगरपालिका के बकाए सभी करों का उसने भुगतान नहीं किया हो
-यदि वह बैठकों में परिषद से पूर्व अनुमति लिए बिना नगरपालिका की लगातार तीन बैठकों या अधिवेशनों से अनुस्थित रहे
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