हजारीबाग
Hazaribagh News: हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि महिला अस्पताल में प्रसव के लिए सामान्य स्थिति में पहुंची थी, लेकिन इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था और इलाज के तरीके पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

नॉर्मल डिलीवरी की बात कहकर किया गया ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, चरही थाना क्षेत्र की रहने वाली तीन बच्चों की मां 6 नवंबर को प्रसव के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, शुरुआती जांच के दौरान चिकित्सकों ने महिला की नॉर्मल डिलीवरी कराने की बात कही थी। हालांकि, बाद में सामान्य प्रसव के बजाय ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म कराया गया। इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।
गलत इंजेक्शन देने का आरोप, इलाज पर उठाए सवाल
महिला की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद उसे गलत इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले महिला की स्थिति सामान्य थी और प्रसव के लिए वह स्वस्थ अवस्था में आई थी। ऐसे में इलाज के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ने और मौत होने को लेकर परिजनों ने चिकित्सकीय प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, गलत इंजेक्शन दिए जाने और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हालत बिगड़ती रही, लेकिन दूसरे अस्पताल में रेफर क्यों नहीं किया गया?
परिजनों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब महिला की हालत लगातार बिगड़ रही थी, तो उसे बेहतर इलाज के लिए किसी उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर क्यों नहीं किया गया? उनका आरोप है कि समय रहते दूसरे अस्पताल में भेजने का निर्णय लिया जाता, तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने इलाज के दौरान चिकित्सकों द्वारा लिए गए निर्णयों और मरीज की निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
अस्पताल में हंगामा, जिला बोर्ड चौक जाम करने की तैयारी
महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन अस्पताल पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इलाज में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। न्याय की मांग को लेकर परिजन हजारीबाग के प्रमुख जिला बोर्ड चौक को जाम करने की तैयारी भी कर रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
अस्पताल की व्यवस्था पर भी उठाए गंभीर सवाल
परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर व्यापक सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यहां चिकित्सकीय व्यवस्था ठीक ढंग से संचालित नहीं हो रही है। उनका कहना है कि गरीब और आम मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन यदि अस्पताल में ही मरीजों की जान खतरे में पड़ जाए, तो उनके पास इलाज के लिए दूसरा विकल्प क्या रह जाता है? महिला की मौत के बाद अब जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजन पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा और इलाज के दौरान दी गई दवाओं एवं इंजेक्शन की जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही, महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करने और यदि चिकित्सकीय लापरवाही प्रमाणित होती है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। एक परिवार ने अपनी मां और बच्चों ने अपनी मां को खो दिया है। ऐसे में परिजनों के लिए केवल जांच का आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उन्हें घटना की सच्चाई, जवाबदेही और न्याय की उम्मीद है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और महिला की मौत के पीछे की वास्तविक वजह कब सामने आती है।