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स्थानीय नीति, सरना कोड और आरक्षण को लेकर आर पार की लड़ाई लड़ेंगेः मुख्यमंत्री 

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द फॉलोअप डेस्क

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य की मूल आत्मा और भावना ओबीसी आरक्षण को 27 फीसदी किेए जाने, राज्य में सरना धर्म कोड लागू होने तथा खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने में बसी है। लेकिन केंद्र सरकार इन ज्वलंत मुद्दों पर कुंडली मार बैठी है। इन विषयों को लेकर अब वह आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। क्योंकि संघर्ष के अलावा अब कोई रास्ता नहीं है। जनता के दरबार में जाएंगे वहीं निर्णय होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिसीमन पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। इसके पीछे भी केंद्र सरकार का हिडन एजेंडा है। एससी एसटी सीटों को कैसे घटाया जाए । पिछली बार भी यह प्रयास हुआ था। लेकिन गुरु जी के नेतृत्व में इस मुद्दे पर झारखंड को सफलता मिली। इस बार फिर केंद्र सरकार चतुराई के साथ परिसीमन लागू करने का षड्यंत्र कर रही है। उनकी इस पर पूरी नजर है। इसको लेकर वह आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। भले वह सरकार में रहे या ना रहे। मुख्यमंत्री गुरुवार को विधानसभा मैं बजट सत्र का समापन भाषण दे रहे थे। 


झारखंड देश का पहला राज्य होगा जहां हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी  
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड देश का पहला राज्य होगा जहां हेलीकॉप्टर एंबुलेंस की सेवा शुरू की जाएगी। गरीबों को इसकी मुफ्त सेवा मिलेगी। इसके मैपिंग का काम अंतिम चरण में है। प्रत्येक बड़े हॉस्पिटल में हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 साल में रिम्स को हम नए रूप में देखेंगे। जल्द ही रांची में एक और नया रिम्स बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस क्रम में राज्य सरकार की उपलब्धियां को भी गिनाया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीबों को आवास देने की बात करते हैं। लेकिन यह आवास डबल इंजन की सरकार वाले राज्यों को दे देते हैं। हम अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं। संसाधन जुटाने में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ा है। 2019-20 में जहां राज्य सरकार ने 25000 करोड रुपए का राजस्व जुटाया था। 2023 24 में वह बढ़कर 42000 करोड रुपए हो गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में यह राशि 60000 करोड रुपए तक पहुंचने का उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सबसे अधिक खनन होता है। हम कोयला कंपनियों से लगातार 136000 करोड़ की मांग कर रहे हैं। दो ढाई हजार करोड रुपए मिले हैं। अगर एक मुफ्त राशि मिल जाए तो झारखंड कर्ज देने वाला राज्य बन जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार चाहती ही नहीं है कि एसटी एससी, दलित मजबूत हो। यह सीएम बने। हवाई जहाज पर चढ़े। उन्होंने बताया कि मनरेगा का 1200 करोड़, नल जल योजना का 6000 करोड रुपए बकाया है। सर्वजन पेंशन योजना मध्य में भी केंद्र सरकार अपने हिस्से का पैसा नहीं दे रही है।

लोकतंत्र की दुहाई और संविधान की कसम खाने वाले बोलते कुछ और करते कुछ है
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्षी सदस्य गायब है। अगर किसी प्रतिस्पर्द्धा में एक टीम नहीं हो तो परिणाम स्वत समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई और संविधान की कसम खाने वाले इसी तरीके से चलते हैं। बोलते कुछ और करते कुछ है। उन्होंने कहा कि इस बार सदन को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि प्रतिपक्ष का नेता मिला। अब हम कई संवैधानिक कार्यों को आगे बढ़ा सकेंगे। क्योंकि कोर्ट की भी इन कार्यों पर नजर है। वह इसे देख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा पैदा की गई कई चुनौतियों और षडयंत्रों के बाद भी जनता ने पहले से मजबूत जनादेश दिया। क्योंकि जनता उनके असली चेहरे को समझ गई है। इनका एक-एक कर चेहरे से नकाब उतर रहा है। ये देश में अपना संविधान लागू करना चाहते हैं। जबकि बाबा साहब निर्मित संविधान के कारण ही पिछड़ा, गरीब एसटी एससी बच पाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा देश अजीबोगरीब स्थिति में है। अलग-अलग तरीकों और व्यवहारों से देश को उलझाया जा रहा है। आस्था देश का बड़ा विषय है। सभी वर्ग की भावनाओं के साथ कैसे खिलवाड़ किया जाए यह बीजेपी से सीखा जा सकता है। हाल में कुंभ का मेला लगा था। हम भी जाने की सोचे थे। पर वहां का वातावरण देख हिम्मत नहीं जुटा पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में इसे नया इकोनॉमिकल मॉडल बनाने का प्रयास किया गया। कुंभ को गेम चेंजर का रूप देने की कोशिश की गई लेकिन देश की अर्थव्यवस्था कितना बदल यह सबके सामने में है देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में है पद नहीं कर के बल खड़ा है 

देश को तोड़ने में लगी है भाजपा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कई घटना जातियों का वर्गीकरण और जनता को शांति से जीने नहीं देंगे फूट डालो और राज करो की नीति को भाजपा ने आत्मसात कर लिया है पहले मुहर्रम और रामनवमी पर सांप्रदायिक तनाव होता था अब होली में भी होने लगा आने वाले दिनों में दीपावली में भी होगा क्रिकेट मैच में भी होगा यह तनाव पैदा करने वाले कौन हैं कहां से आते हैं अगर वर्गीकरण नहीं होता तो हम सभी हिंदुस्तानी होते पॉजिटिव राजनीति करने मैं हम विश्वास रखते हैं लेकिन यह नेगेटिव राजनीति करते हैं 

25 साल का झारखंड अगले 25 वर्ष की कार्य योजना बनाकर काम करेगा मुख्यमंत्री 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि 25 साल का झारखंड अब अगले 25 वर्ष का योजना बनाकर काम करेगा। हम अपने पैरों पर खड़ा होंगे। उन्होंने बताया कि हमने महिला बहनों को मंईयां सम्मान योजना से उनके चेहरे पर मुस्कान लाया है। महिलाएं अब अपने बच्चों को इंजीनियर डॉक्टर बनने की सोचने लगी है। इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 13000 करोड रुपए खर्च होगी। हमें पता है कि हमारी व्यवस्था कितनी और और कैसी है। पहले सरकार दो पहियों से चलती थी अब यह सरकार चार पहियों से चलेगी। गांव के लोग भी सरकार के साथ होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वजन पेंशन योजना लागू करने के बाद पेंशन के लिए लगने वाली लंबी कतार खत्म हो गई। महिलाओं के उम्र को भी घटाकर 50 साल कर दिया गया। राशन कार्ड हाथ में लेकर करने का सिलसिला समाप्त हो गया। लेकिन केंद्र की नीति से और आर्सथिक असमानता बढ़ाने वाली है।

एटीएम से पैसे निकालने पर अब ज्यादा चार्ज लगने लगे

 मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार बड़ी चतुराई से जनता पर टैक्स का बोझ डाल रही है। आरबीआई द्वारा किए गए संशोधन के बाद अब एटीएम से पैसा निकालने, अपने बैंक अकाउंट की जानकारी लेने पर पहले से ज्यादा पैसा लग रहे हैं। आरबीआई ने इसके माध्यम से 8500 करोड़ से अधिक की राशि उगाही है ।

एमएसईएमई निदेशालय बनेगा
 मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क को बेहतर बनाने का हमने संकल्प लिया है 1000 किलोमीटर से अधिक सड़क बन चुके हैं इस वर्ष 5000 करोड़ की राशि से 1200 किलोमीटर सड़क बनाए जाएंगे छोटे-मोटे उद्योगों के विकास के लिए अलग से एमएसएमई का निदेशालय गठित किया जाएगा उन्होंने बताया कि 4:30 लाख किसने के 2 लख रुपए तक ऋण माफ किया गया। डेढ़ लाख एकड़ भूमि पर फलदार वृक्ष लगाए गए। इस वर्ष 5000 एकड़ भूमि पर फिर फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व की सिंचाई योजनाएं व्हाइट एलिफेंट बन चुकी है। अब हम लिफ्ट एरिगेशन और पाइपलाइन से सिंचाई की ओर बढ़ रहे हैं। पशुपालन के विकास के लिए मुख्यमंत्री पशुधन योजना के लिए 255 करोड रुपए, तालाबों के लिए 300 करोड रुपए, कृषि यंत्रों के लिए 140 करोड़ की राशि बजट में शामिल की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा काम हुआ है। सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस में 9000 सीट हैं लेकिन 35000 से ज्यादा बच्चों ने नामांकन लिया है। हम निजी या सरकारी विद्यालयों के मैट्रिक और प्लस टू छात्रों को 3 लाख 2 लाख और एक लाख की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। एक लैपटॉप और मोबाइल भी ट्राइबल यूनिवर्सिटी जल्द शुरू कर दे जा रहे हैं दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सालाना 10 लख रुपए देने वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना के तहत खाने पीने और रहने के लिए भी ₹4000 प्रतिमा छात्रवृत्ति की शुरुआत की गई है का कानून के क्षेत्र में बच्चों को अवसर देने के लिए विधि महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है

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