द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अख्तर अली ने कहा है कि सत्ता में रहते हुए मॉब लिंचिंग और विपक्ष में आते ही अल्पसंख्यक मंत्रियों के खिलाफ साजिश, यही है भाजपा का असली चेहरा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अल्पसंख्यकों की तरक्की, उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। अली ने बीजेपी की कार्रवाई और मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री इरफान अंसारी के बयान को बेवजह तूल देकर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराना उनकी कुंठित राजनीति को दर्शाता है। ठीक इसी तरह मंत्री हफीजुल हसन के बयानों को तोड़-मरोड़कर उन्हें मधुपुर उपचुनाव में धमकियां दी गईं। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के मामले में बिना किसी संदिग्ध दस्तावेज या पैसे की बरामदगी के उन्हें जेल में रखने की स्थिति पैदा की गई। यह साफ करता है कि केंद्रीय एजेंसियों और सत्ता तंत्र का इस्तेमाल केवल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा रहा है।

अख्तर अली ने बीजेपी के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए पूछा जब वह सत्ता में होती है, तो अल्पसंख्यकों को लक्षित कर मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को बढ़ावा देती है और जब जनता उन्हें सत्ता से बेदखल कर देती है,तो वेअल्पसंख्यक मंत्रियों के खिलाफ चौबीसों घंटे साजिशें रचने में जुट जाते हैं। अख्तर अली ने बीजेपी से पूछा क्या मुसलमान इस देश के सच्चे नागरिक नहीं हैं आखिर बीजेपी को देश के अल्पसंख्यकों से इतनी नफरत क्यों है? क्या मुसलमान इस मुल्क की प्रगति और तरक्की के बराबर के हिस्सेदार नहीं हैं? क्या इस देश की आजादी और इसके निर्माण में मुसलमानों का खुन और पसीना शामिल नहीं है? फिर क्यों बार-बार उनके वजूद और देशभक्ति पर सवाल उठाकर उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक साबित करने की कोशिश की जाती है ?
