द फॉलोअप डेस्क
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र स्थित रूटुगुटू जंगल में बुधवार को सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक लाख रुपये के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान यह कार्रवाई हुई। इस दौरान नक्सलियों के एक सुरक्षित ठिकाने को भी ध्वस्त किया गया और भारी मात्रा में हथियार व नक्सली सामग्री बरामद की गई है। इस कार्रवाई को कोल्हान क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क के खिलाफ बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

खुफिया सूचना पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल की रात गोइलकेरा थाना क्षेत्र के दुगुनिया गांव में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के आरोप में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया उर्फ चांबरा की हत्या कर दी थी। घटना के बाद सागेन अंगरिया के नेतृत्व में नक्सली दस्ता कोल्हान के जंगलों में छिप गया था। इस घटना के बाद मिली खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने गोइलकेरा और टोंटो क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसके तहत लगातार जंगलों में कॉम्बिंग की जा रही थी।

45 मिनट चली मुठभेड़, बाकी नक्सली फरार
बुधवार तड़के रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आमना-सामना हो गया। दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक लगातार फायरिंग हुई। इस मुठभेड़ में इसराइल पूर्ति मारा गया, जबकि सुरक्षाबलों का दबाव बढ़ता देख अन्य नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद इलाके में सघन सर्च अभियान चलाकर हथियार और अन्य नक्सली सामान बरामद किए गए।

संगठन का अहम सदस्य था इसराइल पूर्ति
इसराइल पूर्ति गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का रहने वाला था और सागेन दस्ते का सक्रिय सदस्य था। वह एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। कोल्हान के दुर्गम जंगलों की अच्छी जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ ग्रामीणों की हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी कई गंभीर घटनाओं में शामिल होने के मामले दर्ज थे। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी।

कोल्हान में नक्सल नेटवर्क पर बड़ा असर
एसपी अमित रेणु ने बताया कि कोल्हान के जंगलों में 20 से 30 हथियारबंद नक्सलियों के सक्रिय होने की सूचना के बाद लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सैकड़ों जवानों की तैनाती कर इलाके की घेराबंदी की गई है। जानकारी के अनुसार, नक्सली सारंडा क्षेत्र से निकलकर कोल्हान के जंगलों में डेरा जमाए हुए हैं। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सलियों के बढ़ते मूवमेंट पर लगाम लगाने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।