बिष्टुपुर/जमशेदपुर:
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार एंड रेस्टोरेंट के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी 2 लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और बुधवार को बोदरा हुलिया बदलकर सीधे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत पहुंच गया। अदालत में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।

विश्वनाथ मंडल पर था 2 लाख रुपये का इनाम
विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं, एसआईटी की टीमें उसकी तलाश में झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत कई राज्यों में भी लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही उसके परिवार के कई सदस्यों से भी पूछताछ की थी, ताकि उसकी जानकारी मिल सके। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर था।

विश्वनाथ उर्फ बोदरा को रिमांड पर लेगी पुलिस
पुलिस के अनुसार, अब विश्वनाथ मंडल को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन दिया जायेगा। रिमांड मिलने के बाद उससे हत्या की साजिश, घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जायेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि 27 जून की रात आखिरकार डीडी बार के बाहर हुई हत्या में उसकी क्या भूमिका थी और उसे घटनास्थल पर किसने बुलाया था।

27 जून को हुई थी हिमांशु सिंह की हत्या
27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गयी थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। जांच के दौरान कई आरोपियों की पहचान हुई और लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 10 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 4 नाबालिग आरोपी भी शामिल हैं, जिसमें 5 आरोपियों को जेल, जबकि 4 नाबालिगों को रिमांड होम भेज दिया गया है।
इस मामले में डीडी बार संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को पुलिस ने राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्यामजी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाने के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसआईटी की दबिश के बाद कोर्ट पहुंचा आरोपी
बताया जा रहा है कि पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के बाद विश्वनाथ मंडल ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। अदालत पहुंचने के दौरान उसने अपना हूलिया पूरी तरह बदल रखा था, जिससे उसकी पहचान आसानी से नहीं हो सकी। वह सीधे सीजेएम कोर्ट पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया के तहत सरेंडर कर दिया। अब पुलिस की पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश, हमलावरों की भूमिका, हथियार उपलब्ध कराने और छुपाने वाले लोगों और घटना के पीछे की वजहों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना जतायी जा रही है।
हिमांशु सिंह हत्याकांड में विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।