द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह-कोडरमा मुख्य सड़क पर रेम्बा मोड़ के पास सोमवार को ग्रामीणों ने सरकारी जमीन पर हो रहे कथित अवैध कब्ज़ा और निर्माण कार्य के विरोध में सड़क जाम कर दिया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने बीच सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
ग्रामीणों ने बताया कि नायकडीह मौजा स्थित करीब 36.5 एकड़ सरकारी गैरमजरुआ जमीन को लंबे समय से चारागाह के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। यह जमीन बंजर भूमि के रूप में सरकारी अभिलेखों में दर्ज है, लेकिन पिछले वर्ष 2024 से ही इस भूखंड पर भू-माफियाओं की नजर है और रात के अंधेरे में अवैध निर्माण कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस जमीन का उपयोग सरकार व प्रशासन सार्वजनिक कार्यों में करता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन किसी भी व्यक्ति या समूह को जमीन लूटने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कई बार अंचल, अनुमंडल और जिला प्रशासन से लिखित शिकायत कर अवैध कब्जे की कार्रवाई करने की मांग की थी, मगर प्रशासनिक उदासीनता के कारण भू-माफिया सक्रिय हो गए।
जमीन पर जारी कब्जे और प्रशासन की निष्क्रियता से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। सूचना मिलते ही हिरोडीह थाना प्रभारी, सीआई और हल्का कर्मचारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। स्थिति गरमाने पर थाना प्रभारी ने अनुमंडल पदाधिकारी अनिमेष रंजन और एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद को घटनास्थल से ही अवगत कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच कर जल्द ही अवैध निर्माण हटाया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी। प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने कई घंटों बाद सड़क जाम हटाया। इसके बाद जाम में फंसे यात्री, वाहन चालक व मालवाहक गाड़ियां अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
