द फॉलोअप डेस्क
मुफ्फसिल थाना परिसर में मंगलवार रात करीब दो बजे एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जब हाजत में बंद शातिर चोर जोकर उर्फ रणवीर सिंह और उसका साथी मो. सोनू शौचालय का वेंटिलेटर काटकर फरार हो गए। दोनों आरोपियों को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार किया था। जानकारी के मुताबिक, जोकर उर्फ रणवीर सिंह बोचो मुफ्फसिल थाना का निवासी है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे थाना के पहले तल्ले पर बनी हाजत में रखा गया था। लेकिन उसने अपने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए न केवल खुद फरार होने की योजना बनाई, बल्कि सदर प्रखंड के भेलवारा में ट्रैक्टर चोरी के आरोप में पकड़े गए मो. सोनू को भी अपने साथ ले गया।
मिली जानकारी के अनुसार, फरार आरोपी भागने के दौरान पुलिस कार्यालय के ड्रावर से अपना मोबाइल और गमछा भी ले गया, जिसे साक्ष्य के रूप में पुलिस ने डकैती के दौरान उपयोग करने के लिए रखा था। जोकर उर्फ रणवीर सिंह कुख्यात चोर है, और वह दो माह पूर्व उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर आया था। उस पर एक दर्जन से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं। वहीं मो. सोनू, जो कि एक और आरोपी है, पहले एक चोरी किए गए जनरेटर को एक व्यक्ति को बेच चुका था। पुलिस द्वारा जनरेटर खरीदार पकड़े जाने के बाद सोनू को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था।
फरारी के बाद, जोकर उर्फ रणवीर सिंह अपने मोहल्ले बोचो पहुंचा और वहां एक राशन दुकान में घुसने का प्रयास किया। सुबह साढ़े चार बजे आवाज सुनकर दुकान के मालिक की नींद खुली, और उसने जोकर को पकड़ कर बांध लिया। लेकिन गांव के कुछ युवकों ने उसे दया दिखाते हुए छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह कुख्यात चोर है और हाजत से फरार हुआ है।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी ने ड्यूटी पर तैनात जवानों और अधिकारियों से स्पष्टीकरण (शो कॉज) मांगा है। पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू कर दी है, और एसपी ने थाना मुंशी विनय सिंह से पूछताछ की है। इस मामले में कई सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर यह कि संदिग्ध को हाजत में रखने के दौरान हथकड़ी क्यों नहीं लगाई गई। यह कोई पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। दो साल पहले कोर्रा थाना से अफीम तस्कर फरार हो गए थे, जिसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी को एसपी ने कार्रवाई करते हुए हटा दिया था।
