रांची
धुर्वा के मौसी बाड़ी इलाके से लापता हुए दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका के मामले में 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। यह स्थिति न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए बल्कि पूरे झारखंड के लिए बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण मानी जा रही है। इस हृदयविदारक घटना ने राज्य भर में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने अंश और अंशिका के माता-पिता और दादा-दादी से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। ओम शंकर गुप्ता ने कहा कि यदि घटना वाले दिन ही धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली जाती, तो शायद आज हालात इतने भयावह नहीं होते।

उन्होंने इस पूरे मामले को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए कहा कि झारखंड का हर संवेदनशील नागरिक इस घटना से आहत है। ओम शंकर गुप्ता ने सवाल उठाया कि क्या गरीब परिवारों की आवाज़ की कोई अहमियत नहीं है। उनका कहना था कि जब एक मां की चीख-पुकार अनसुनी रह जाती है, तो उसके परिणाम समाज के लिए बेहद खतरनाक होते हैं।
ओम शंकर गुप्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोनों बच्चों की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
