द फॉलोअप डेस्क
राज्य के वित्त विभाग के डायरेक्टरेट पिछले डेढ़ महीने से हेडलेस बना हुआ है। तीनों निदेशालयों का काम विभागीय स्तर पर प्रभार देकर चलाया जा रहा है। ये तीनों निदेशालय हैं, पेंशन, अंकेक्षण एवं कोषागार। नियमित निदेशक नहीं रहने से निदेशालयों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार पूर्व में संदीप कुमार सिंह को पेंशन एवं अंकेक्षण निदेशालय का प्रभार था। लेकिन उनका श्रमायुक्त के पद पर 11 फरवरी को स्थानांतरण होने के बाद से ये पद रिक्त हैं। यह स्थिति तब है जबकि दर्जनों आईएएस अधिकारी बगैर काम के हैं। हाल में राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस में प्रोन्नत हुए अधिकारियों की एक लंबी फौज है।
