द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड के गौरीपुर में स्थित 10.60 करोड़ रुपये लागत से बनी जल मीनार लंबे समय से नियमित रूप से पानी नहीं दे रही है। पिछले आठ महीने से जल मीनार का पानी सप्लाई बंद है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में महीने में केवल एक सप्ताह ही जल मीनार से पानी मिलता था, बाकी दिनों में पानी या तो खराब रहता था या सप्लाई बंद रहती थी। सप्लाई करने वाले ऑपरेटर अक्सर मोटर जलने, बिजली खराब होने, इंटेक वेल में समस्या या ऑपरेटर की कमी को बहाना बनाकर ग्रामीणों को परेशान करते हैं। इस जल मीनार से दनवार, गौरीपुर, बोरियो संथाली, इमली टोला और अन्य गांवों के लगभग 2200 लोगों को कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य था।
पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2014 में ग्रामीण पेयजल योजना की स्वीकृति दी थी। तत्कालीन विधायक लोबिन हेंब्रम ने 2 मार्च 2014 को मोरंग नदी किनारे इस योजना की आधारशिला रखी। 2017 में यह योजना बोरियो में चालू हुई और जल मीनार का संचालन शुरू हुआ। शुरुआत में ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ी थी, लेकिन यह खुशी लंबे समय तक टिक नहीं सकी। दनवार गांव की महिलाएं बताती हैं कि गांव में एकमात्र कुआँ भी सूख गया है। रमजान के महीने में भूखे-प्यासे रहकर महिलाएं दिनभर पानी की खोज में निकलती हैं और रात को 2-3 बजे पानी भरने का क्रम मिलता है। उस समय बूंद-बूंद पानी को बाल्टी में भरकर अपनी जरूरत पूरी की जाती है। अन्यथा पुरुषों को 2 किलोमीटर दूर बीचपूरा या 3 किलोमीटर दूर बोरियो बाजार से जार में पानी भरकर लाना पड़ता है। ग्रामीण इसहाक अंसारी, महबूब अंसारी, रमजान अंसारी, लाल मोहम्मद, मनोज रूज, बबलू टुडू, सुशील, पंकज पंडित, अकबर अली, सिकंदर रजा और अन्य ने पेजयल विभाग से जल मीनार को स्थाई रूप से ठीक करने और नियमित पानी सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
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